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Kanpur Dehat Ghee Seized: भोले बाबा मिल्कफूड फैक्ट्री से 9.44 करोड़ का घी जब्त, 13 सैंपल लैब भेजे

कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। कमिश्नर फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) के कड़े निर्देशों के बाद जिले में मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में छतेनी स्थित एक बड़ी मिल्कफूड फैक्ट्री पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये का स्टॉक सीज किया गया है।

फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की बड़ी कार्रवाई

असिस्टेंट कमिश्नर (फूड) राम अवतार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में चीफ फूड सेफ्टी ऑफिसर विनोद कुमार पांडे और उनकी विशेष प्रवर्तन टीम ने छतेनी स्थित मेसर्स भोले बाबा मिल्कफूड इंडस्ट्रीज (धौलपुर) प्राइवेट लिमिटेड के परिसर पर औचक छापेमारी की।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा फैक्ट्री परिसर का औचक निरीक्षण

  • छापेमारी की वजह: विभाग को लगातार खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायतें मिल रही थीं।
  • अधिकारियों की टीम: मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में खाद्य निरीक्षकों की टीम ने कारखाने के भीतर निर्मित हो रहे उत्पादों और उनके पैकेजिंग एरिया की बारीकी से जांच की।

खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम का उल्लंघन

फैक्ट्री के भीतर गहनता से किए गए निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को पैकेजिंग और लेबलिंग में गंभीर विसंगतियां और कमियां देखने को मिलीं।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट-2006 के नियमों की अनदेखी

  • दोषपूर्ण पैकेजिंग: टीम ने पाया कि घी के पैकेट्स और डिब्बों (टिन) पर जो लेबल लगाए गए थे, वे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट-2006 और संबंधित रेगुलेशन-2011 के तय कानूनी मानकों के अनुरूप नहीं थे।
  • लेबलिंग में गड़बड़ी: भ्रामक और अधूरे लेबल के कारण इसे कानूनन ‘मिसब्रांडिंग’ और गैर-मानक की श्रेणी में माना गया, जिसके तुरंत बाद अधिकारियों ने पूरे स्टॉक को सीज करने का फैसला लिया।

सीज किए गए घी की कुल अनुमानित कीमत

इस कार्रवाई के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, उसने विभाग के अधिकारियों को भी चौंका दिया है। कारखाने के भीतर से भारी मात्रा में तैयार घी का अवैध या गैर-मानक स्टॉक बरामद किया गया है।

9 करोड़ 44 लाख रुपये के 8745 घी के टिन ज़ब्त

  • जब्ती का विवरण: खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कारखाने से घी के कुल 8,745 टिन सीज किए हैं।
  • वजन और कुल मूल्य: पकड़े गए प्रत्येक टिन में 15 किलोग्राम घी भरा हुआ था। इस लिहाज से सीज किए गए पूरे घी की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 9 करोड़ 44 लाख 46 हजार रुपये आंकी गई है।
  • अभियान का मुख्य उद्देश्य: विभाग ने साफ किया है कि इस बड़े अभियान का एकमात्र मकसद बाजार में मिलावटी, नकली और सब-स्टैंडर्ड (नॉन-स्टैंडर्ड) खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाना है ताकि उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ न हो।

लैबोरेट्री टेस्टिंग के लिए भेजे गए खाद्य उत्पाद

छापेमारी की इस प्रक्रिया के दौरान केवल जब्ती ही नहीं की गई, बल्कि वैज्ञानिक जांच के लिए उत्पादों के वैध नमूने भी एकत्र किए गए हैं।

लैब रिपोर्ट और भविष्य की कानूनी कार्रवाई की रूपरेखा

  • नमूनों का संग्रह: जांच टीम ने अलग-अलग ब्रांड के स्किम्ड मिल्क पाउडर और घी के कुल 13 कानूनी सैंपल (नमूने) अपनी कस्टडी में लिए हैं।
  • प्रयोगशाला जांच: इन सभी 13 सैंपलों को तुरंत राजकीय खाद्य प्रयोगशाला (लैब) में रासायनिक परीक्षण के लिए भेज दिया गया है।
  • कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: अधिकारियों के अनुसार, लैब से इंस्पेक्शन रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। यदि जांच में उत्पाद तय मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं या उनमें किसी भी तरह की मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित मिल मालिकों और प्रबंधन के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत सख्त कानूनी मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि यह चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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