मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में सामने आई कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ आज शनिवार (20 जून) को देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर छात्रों के भारी आक्रोश का गवाह बनने जा रहा है। युवा संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले सैकड़ों छात्र और युवा दोपहर 1 बजे इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। प्रदर्शन को धार देने के लिए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर प्रदर्शनकारियों से अपने साथ थाली और चम्मच लाने का आह्वान किया है। उन्होंने अनोखे अंदाज में कहा कि बाकी की कहानी तो आप सब जानते ही हैं, जिससे यह साफ है कि छात्र इस बार बर्तनों की खड़खड़ाहट से सरकार के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाना चाहते हैं।
कोरोना काल की याद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ी जंग
संगठन के प्रमुख अभिजीत दीपके द्वारा की गई प्लेट और चम्मच लाने की यह अपील सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान की गई ‘थाली बजाओ’ मुहिम की याद दिलाती है। उस समय फ्रंटलाइन वर्कर्स के प्रति आभार जताने के लिए बर्तन खड़खड़ाए गए थे, लेकिन आज छात्र अपनी बदहाली और परीक्षा प्रणाली की नाकामी को दर्शाने के लिए ऐसा करेंगे। युवाओं के नेतृत्व वाले इस दल ने स्पष्ट किया है कि उन्हें 20 जून को होने वाले इस विशाल प्रदर्शन के लिए दिल्ली पुलिस से आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है। छात्रों की सबसे प्रमुख और दोटूक मांग पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तत्काल हटाना है।
राष्ट्रीय राजधानी में दूसरा बड़ा छात्र आंदोलन और राज्यवार प्रदर्शन
यह पहला मौका नहीं है जब यह संगठन परीक्षा प्रणालियों में सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरा है। आज होने वाला यह कार्यक्रम जंतर-मंतर पर बीते 6 जून को हुए सफल प्रदर्शन के बाद दिल्ली में इस ग्रुप का दूसरा बड़ा शक्ति प्रदर्शन है। दिल्ली से पहले ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों की आवाज बुलंद की है, जिसमें पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। इन सभी महानगरों में व्यापक स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर चुके युवाओं का कहना है कि जब तक राष्ट्रीय स्तर पर उनकी मांगों को नहीं सुना जाता, यह आंदोलन थमेगा नहीं।
छात्रों की आत्महत्याओं पर चिंता और मुआवजे की गुहार
प्रदर्शन की पूर्व संध्या पर अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेहद भावुक और गंभीर अपील की। उन्होंने दावा किया कि नीट परीक्षा से उपजे मानसिक तनाव, धांधली और दोबारा परीक्षा (Re-exam) होने की अनिश्चितता के कारण अब तक देश में कुल 11 होनहार छात्र अपनी जीवनलीला समाप्त कर चुके हैं। इनमें से 5 दुखद मौतें तो महज पिछले 48 घंटों के भीतर हुई हैं। CJP प्रमुख ने प्रधानमंत्री से इन पीड़ित और शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए सरकार की तरफ से 1-1 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा देने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने अंत में कहा कि देश के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ के लिए शीर्ष स्तर पर प्रशासनिक जवाबदेही तय होना अब बेहद जरूरी हो गया है।

