Vande Bharat Engine Fail: वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन से झारखंड की राजधानी रांची की ओर जाने वाली देश की प्रीमियम सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। शुक्रवार शाम को रास्ते में अचानक इस वीआईपी ट्रेन का इंजन पूरी तरह फेल हो गया, जिसके चलते गाड़ी बिहार के रोहतास जिले के अंतर्गत आने वाले कुम्हउ रेलवे स्टेशन पर 4.30 घंटे से भी अधिक समय तक असहाय स्थिति में खड़ी रही। डाउन दिशा में परिचालन करने वाली इस वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20888) का निर्धारित समय रोजाना शाम 4:05 बजे कैंट स्टेशन से प्रस्थान करने का है, लेकिन शुक्रवार को यह प्लेटफॉर्म नंबर 7 से करीब 10 मिनट के विलंब से रवाना हुई थी।
वाराणसी-रांची सेमी-हाई-स्पीड रेल सेवा ठप
निर्धारित समय-सारणी के अनुसार, यह हाई-स्पीड पैसेंजर ट्रेन शाम 4:45 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन पर सुरक्षित पहुंच गई थी। डीडीयू स्टेशन से छूटने के बाद इस लक्ज़री ट्रेन का अगला आधिकारिक ठहराव सीधे गया जंक्शन पर निर्धारित था, लेकिन गया पहुंचने से पहले ही रोहतास जिले के कुम्हउ और सासाराम रेलवे स्टेशनों के मध्य रेल पटरी पर अचानक ट्रेन के इंजन ने काम करना बंद कर दिया। सामान्य दिनों में यह ट्रेन इस चिन्हित रेलखंड से शाम लगभग 5:35 बजे बेहद रफ्तार से गुजर जाती है, परंतु शुक्रवार की रात इंजन में आई बड़ी मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण यह इसी सुनसान ग्रामीण इलाके में घंटों खड़ी रह गई।
सासाराम रेलवे स्टेशन से बुलाई गई तकनीकी विशेषज्ञों की टीम
प्रीमियम श्रेणी की इस ट्रेन के साढ़े चार घंटे से भी अधिक समय तक एक ही निर्जन स्थान पर अवरुद्ध रहने की वजह से डिब्बों के भीतर बैठे यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया और वे बुरी तरह परेशान हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए सासाराम जंक्शन से रेलवे के वरिष्ठ तकनीकी इंजीनियरों और मैकेनिकल विशेषज्ञों की एक विशेष टीम को आपातकालीन संदेश भेजकर घटना स्थल पर बुलाया गया। मौके पर पहुंची टेक्निकल टीम ने इंजन की खराबी को दुरुस्त करने का काफी प्रयास किया, जिसके बाद कड़े संघर्ष और मशक्कत के उपरांत आखिरकार ट्रेन को रेंगते हुए किसी तरह सासाराम स्टेशन तक खींचकर लाया जा सका।
सुनसान जगह पर फंसे रहे सैकड़ों रेल यात्री
इस अप्रत्याशित रेल हादसे के कारण बोगियों में सफर कर रहे यात्रियों को भारी असुविधा और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। फंसे हुए यात्रियों ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि एक अत्यधिक सुनसान और अंधेरे इलाके में घंटों ट्रेन खड़ी रही, जिससे पैसेंजर्स के बीच सुरक्षा को लेकर भी डर का माहौल बन गया था। इसके अतिरिक्त, सफर लंबा होने के कारण ट्रेन के भीतर मौजूद भोजन और पीने के पानी का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो गया, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों की हालत खस्ता हो गई, और इस दौरान रेलवे प्रशासन की तरफ से कोई सुध लेने नहीं आया।
आंकड़ों के मुताबिक, जो वंदे भारत एक्सप्रेस सामान्य तौर पर शाम 5:40 बजे सासाराम पहुंच जाती है, वह उस रात करीब 5 घंटे के बड़े विलंबांतर के साथ रात 10:54 बजे सासाराम प्लेटफॉर्म पर लग सकी। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के अधिकारियों के अनुसार, बाद में तकनीकी समस्या को पूरी तरह ठीक कर दिया गया और ट्रेन को सुरक्षित आगे रांची के लिए रवाना कर दिया गया, लेकिन इस बड़ी लापरवाही ने रांची-बनारस रूट पर सफर करने वाले सभी यात्रियों को भारतीय रेलवे की इस प्रीमियम सेवा की विश्वसनीयता के प्रति सचेत और सतर्क कर दिया है।

