You are currently viewing Kolkata Plane Incident: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कतर से मिला 37 अरब रुपये का विमान, बना नया ‘अस्थायी एयर फोर्स वन’

Kolkata Plane Incident: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कतर से मिला 37 अरब रुपये का विमान, बना नया ‘अस्थायी एयर फोर्स वन’

Kolkata Plane Incident: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज में आयोजित एक भव्य और आधिकारिक समारोह के दौरान नए ‘अस्थायी एयर फोर्स वन’ (Temporary Air Force One) का अनावरण किया। यह अत्याधुनिक और बेहद आलीशान हवाई जहाज कतर सरकार की ओर से संयुक्त राज्य अमेरिका को एक विशेष सौगात के रूप में दिया गया है। रक्षा और विमानन विशेषज्ञों के मुताबिक, इस वीवीआईपी विमान की अनुमानित कीमत लगभग 400 मिलियन डॉलर (करीब 37 अरब भारतीय रुपये) आंकी गई है। इस शाही तोहफे को लेकर अब अमेरिकी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कैसा है नया अमेरिकी राष्ट्रपति विमान?

VC-25B (Boeing Jet Variant) नाम से पहचाने जाने वाले इस नए राष्ट्रपति विमान को एक बेहद खास और आकर्षक लुक दिया गया है। विमान की बाहरी बॉडी को लाल, सफेद, गहरे नीले और शाही सुनहरे रंगों की विशेष डिजाइन पट्टियों से सजाया गया है। वर्तमान समय में इसे दुनिया के सबसे सुरक्षित, आधुनिक और लग्जरी हवाई जहाजों में शुमार किया जा रहा है। उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर के अमीर शेख का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए उन्हें एक शानदार इंसान बताया। ट्रंप ने कहा कि जब इस विमान का निर्माण किया गया था, तब इसे भव्यता के एक ऐसे स्तर पर तैयार किया गया था जिसे शायद विमानन इतिहास में दोबारा कभी नहीं देखा जा सकेगा।

400 मिलियन डॉलर के विदेशी उपहार पर राजनीतिक रार

इस बेशकीमती कतरी विमान को अमेरिकी बेड़े में शामिल किए जाने के बाद वहां एक बड़ा राजनीतिक विवाद (Gift Compliance Controversy) भी खड़ा हो गया है। ट्रंप सरकार के आलोचकों और कानूनी विशेषज्ञों का तर्क है कि अमेरिकी संघीय नियमों और आचार संहिता के तहत कोई भी राष्ट्रपति या अधिकारी किसी एक विदेशी स्रोत से 50 डॉलर से अधिक मूल्य का उपहार स्वीकार नहीं कर सकता। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इन सभी आपत्तियों और आलोचनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इतने बड़े और लाभकारी ऑफर को ठुकराना सरासर “बेवकूफी” होती। इस बीच, अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने भी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस सरकारी विमान को सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और संघीय नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए ही राष्ट्रीय सेवा में स्वीकार किया गया है।

अस्थायी विमान सेवा की समयसीमा

यह लग्जरी विमान अमेरिकी राष्ट्रपति के बेड़े में तब तक ‘अस्थायी एयर फोर्स वन’ के रूप में अपनी सेवाएं देगा, जब तक कि विमान निर्माता कंपनी बोइंग (Boeing Company) द्वारा विशेष रूप से तैयार किए जा रहे दो नए मुख्य विमान डिलीवर नहीं हो जाते। अमेरिकी वायुसेना के कार्यक्रम के अनुसार, इन दोनों नए हाई-टेक विमानों की डिलीवरी साल 2027 और 2028 में होनी तय हुई है। सुरक्षा अपग्रेड और आधुनिक संचार प्रणालियों को जोड़ने के कारण इन दोनों आगामी राष्ट्रपतीय विमानों की कुल अनुमानित लागत अब बढ़कर लगभग 5 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है।

पुराने प्रेसिडेंशियल फ्लीट को बदलने की वजह

राष्ट्रपति ट्रंप ने पुराने विमान बेड़े (Presidential Fleet Replacement) को हटाकर इस नए विमान को लाने के पीछे राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। उनका कहना है कि आज के दौर में अमेरिका को दुनिया के अन्य वैश्विक नेताओं के मुकाबले कहीं अधिक आधुनिक और सुरक्षित विमान की सख्त जरूरत है। ट्रंप के मुताबिक, दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों के पास वर्तमान में अमेरिका से कहीं ज्यादा नए और उन्नत विमान हैं, जो महाशक्ति अमेरिका के लिए एक हास्यास्पद स्थिति थी। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का मौजूदा मुख्य विमान बेड़ा साल 1990 से लगातार सेवा में है, जिसे पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल के दौरान वायुसेना में शामिल किया गया था। हाल ही में तकनीकी खराबी (Technical Glitch) के चलते इनमें से एक पुराने विमान को उड़ान के बीच से ही आपातकालीन परिस्थितियों में वापस लौटना पड़ा था, जिसके बाद इसे बदलने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई।

Spread the love

Leave a Reply