NCERT Syllabus Change: एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान (Social Science) की पाठ्यपुस्तक में किए गए हालिया बदलाव शिक्षा जगत और समसामयिक विमर्श में एक बड़ा विषय बन गए हैं। इस नई किताब में भारत की चुनाव प्रणाली से लेकर प्राचीन ज्ञान और महिला प्रतिनिधित्व जैसे कई महत्वपूर्ण अध्यायों को जोड़ा गया है।
लोकतंत्र की रीढ़: भारत की बेमिसाल चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की स्वायत्तता
एनसीईआरटी की कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक में देश की निर्वाचन प्रणाली (Election System) को बेहद अनूठा और बेमिसाल बताया गया है। किताब के अनुसार, भारत का चुनाव आयोग (Election Commission of India) एक पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी संस्था के रूप में कार्य करता है। निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने के साथ-साथ आयोग की मुख्य जिम्मेदारियों में सटीक वोटर लिस्ट तैयार करना, समय पर चुनाव संपन्न कराना और देश में लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करना शामिल है।
मतदाता सूची का शुद्धिकरण
इस नए पाठ्यक्रम में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ यानी एसआईआर (SIR) को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। पुस्तक में इसे मतदाता सूची को अपडेट, वेरीफाई और त्रुटिहीन (गलती के बिना) बनाने की एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया गया है। इस पुनरीक्षण प्रक्रिया (Revision Process) का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी पात्र नागरिक वोट देने से न छूटे और कोई भी अपात्र व्यक्ति इस सूची में शामिल न हो सके।
नाम जोड़ने और हटाने के नियम
पाठ्यपुस्तक में विस्तार से समझाया गया है कि एसआईआर के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, किसी नागरिक की मृत्यु हो जाने, निवास स्थान बदल जाने, दोहरे रजिस्ट्रेशन (डुप्लिकेट एंट्री) या किसी अन्य तकनीकी गड़बड़ी के पाए जाने पर नाम हटाने की कार्रवाई की जाती है। अंतिम वोटर लिस्ट के प्रकाशन से पहले जनता से दावे और आपत्तियां (Claims and Objections) आमंत्रित की जाती हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
चुनावी सुरक्षा के आधुनिक उपाय
किताब में भारतीय चुनाव को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने वाले आधुनिक उपकरणों जैसे ईवीएम (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) का विशेष जिक्र है। इसके अलावा, आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) और मतदाता जागरूकता अभियानों को लोकतंत्र का प्रमुख सुरक्षा कवच बताया गया है। छात्रों के व्यावहारिक ज्ञान के लिए इसमें एक क्लास एक्टिविटी भी शामिल की गई है, जिसके तहत विद्यार्थियों को साल 1977, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों के बाद अस्तित्व में आईं गठबंधन सरकारों (Coalition Governments) का गहन अध्ययन करना होगा।
प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का उदय
आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ-साथ नई जनरेशन को प्राचीन इतिहास से जोड़ने के लिए पाठ्यक्रम में वेदों और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा (Ancient Indian Knowledge System) को शामिल किया गया है। अब नौवीं कक्षा के छात्र ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को पढ़ेंगे। पुस्तक के अनुसार, वेद भारतीय सभ्यता के मूल आधार हैं, जिनके जरिए छात्रों को धर्म, दर्शन, प्राचीन शिक्षा पद्धति, समाज, संगीत और मानवीय जीवन मूल्यों की सीख मिलेगी।
राजनीति में आधी आबादी का हक
अंतिम अध्याय में महिला आरक्षण (Women’s Reservation) के ज्वलंत मुद्दे पर संवेदनशीलता से चर्चा की गई है। पुस्तक में इस बात पर चिंता जताई गई है कि चुनावों में महिलाओं का मतदान प्रतिशत (Voting Percentage) तेजी से बढ़ने के बावजूद, मुख्यधारा की राजनीति में उनका प्रतिनिधित्व अब भी काफी सीमित है। हालांकि, इसमें स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं (Local Bodies) में महिलाओं की सफल भागीदारी के सकारात्मक उदाहरण भी दिए गए हैं, जो यह साबित करते हैं कि शासन व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी से समाज में व्यापक और बेहतरीन बदलाव संभव हैं।

