Varanasi Ropeway: वाराणसी में ट्रैफिक की समस्या से जूझ रहे स्थानीय लोगों और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. बाबा विश्वनाथ की नगरी में जल्द ही बहुप्रतीक्षित रोपवे सेवा शुरू होने जा रही है. वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने इस आधुनिक परिवहन सेवा का किराया आधिकारिक तौर पर तय कर दिया है. इस सेवा के शुरू होने से कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया और काशी विश्वनाथ धाम जैसे प्रमुख क्षेत्रों के बीच का सफर बेहद आसान, तेज और सुविधाजनक हो जाएगा.
कैंट से गोदौलिया का सफर
वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के अनुसार, कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक की पूरी 4.2 किलोमीटर की यात्रा के लिए यात्रियों को मात्र 50 रुपये का भुगतान करना होगा. हालांकि, अलग-अलग स्टेशनों के बीच कम दूरी की यात्रा करने वालों के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपये से शुरू होगा. उदाहरण के लिए, विद्यापीठ से रथयात्रा स्टेशन तक के छोटे सफर के लिए यात्रियों को सिर्फ 8 रुपये देने होंगे. नियमित यात्रा करने वाले स्थानीय लोगों के लिए प्रशासन ‘स्मार्ट पास’ की व्यवस्था भी कर रहा है, जिससे पूरी यात्रा का खर्च घटकर 40 रुपये रह जाएगा.
समय की भारी बचत
वर्तमान में वाराणसी की सड़कों पर भारी जाम के कारण कैंट से गोदौलिया पहुंचने में 30 से 45 मिनट या उससे भी अधिक का समय लग जाता है. लेकिन हवा में तैरती इन गोंडोला (केबिन) के जरिए यह दूरी महज 15 से 16 मिनट में पूरी हो जाएगी. प्रशासन ने दीर्घकालिक नीति के तहत यह भी साफ कर दिया है कि रोपवे के इस तय किराये में हर साल 1 अप्रैल से 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी. यह व्यवस्था सेवा के रखरखाव और संचालन को बेहतर बनाए रखने के लिए की गई है.
वीआईपी और ग्रुप ट्रैवलर्स के लिए विशेष इंतजाम
पर्यटकों और संस्थाओं के लिए रोपवे में एक ‘प्रीमियम गोंडोला सेवा’ भी उपलब्ध होगी, जिसका एक चक्कर का किराया 2,000 रुपये निर्धारित किया गया है. यदि कोई संस्था या समूह पहले से प्री-बुकिंग (एडवांस रिजर्वेशन) कराता है, तो उन्हें विशेष छूट मिलेगी और प्रति गोंडोला प्रति यात्रा शुल्क 1,200 रुपये ही देना होगा. इसके अलावा, कैंट स्टेशन पर यात्रियों के लिए लॉकर रूम की सुविधा होगी, जहां टिकटधारकों का 15 किलो तक का सामान पहले 2 घंटे बिल्कुल मुफ्त रहेगा, और उसके बाद 50 रुपये प्रति घंटा का शुल्क लिया जाएगा.
वैश्विक मंच पर भारत का गौरव
वाराणसी की यह रोपवे परियोजना न केवल शहर के लिए बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है. यह भारत की पहली और बोलीविया व मैक्सिको के बाद दुनिया की तीसरी पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे प्रणाली है. लगभग 4.2 किलोमीटर लंबा यह पूरा नेटवर्क कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) को सीधे चर्च स्क्वायर (गोदौलिया) से जोड़ेगा, जो काशी आने वाले करोड़ों तीर्थयात्रियों के लिए एक ऐतिहासिक और दर्शनीय सफर साबित होने वाला है.

