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Digvijaya Singh News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अयोध्या जाकर केस दर्ज कराएंगे दिग्विजय सिंह, बीजेपी-आरएसएस पर साधा तीखा निशाना

Digvijaya Singh News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित महिला कांग्रेस के एक विशाल धरना प्रदर्शन में शामिल हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन, उसमें मिले चंदे और दक्षिणपंथी संगठनों की भूमिका को लेकर बेहद तीखा और हमलावर रुख अपनाया। कांग्रेस के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद ने स्पष्ट शब्दों में दावा किया कि अयोध्या में राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए ऐतिहासिक संघर्ष की वास्तविक लड़ाई भाजपा या संघ ने नहीं, बल्कि देश के महान संतों, पारंपरिक मठों और अखाड़ों ने लड़ी थी। इस दौरान उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए दी गई दान राशि में भारी वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए जल्द ही अयोध्या जाकर कानूनी मुकदमा दर्ज कराने का बड़ा ऐलान भी किया।

‘राम जन्मभूमि आंदोलन का श्रेय लेने की होड़’

अपने संबोधन के दौरान दिग्विजय सिंह ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा, “प्राचीन हनुमान गढ़ी और गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मठ जैसी पवित्र संस्थाओं ने राम मंदिर की कानूनी और जमीनी लड़ाई को सदियों तक लड़ा था। जब यह संघर्ष अपने चरम पर था, तब न तो वहाँ आरएसएस का कोई वजूद था और न ही मैदान में भाजपा जैसी कोई राजनीतिक पार्टी मौजूद थी।” उन्होंने तीखा तंज कसते हुए आगे कहा कि भगवा ब्रिगेड को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के प्रति प्रेम अचानक तब उमड़ा, जब देश की राजनीति में सिकुड़ते हुए उनके केवल 2 सांसद संसद में बचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये संगठन केवल चुनावी फायदे के लिए धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल करते हैं।

चंदे की कथित हेराफेरी पर बरसे पूर्व सीएम

कांग्रेस के वरिष्ठ रणनीतिकार ने सत्ताधारी दल पर धर्म के राजनीतिकरण और वित्तीय भ्रष्टाचार के बेहद संगीन आरोप मढ़े। उन्होंने कहा, “ये लोग सनातन धर्म को एक व्यापार बनाकर अपनी राजनीतिक कमाई करते हैं और फिर उसी विवादित कमाई के बल पर लोकतंत्र में वोट खरीदते हैं, विधायकों की खरीद-फरोख्त करते हैं और सांसदों को अपनी तरफ मिलाते हैं।” दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि आम जनता और श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए पवित्र चंदे की चोरी करके ही यह पूरा खेल खेला जा रहा है।

उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे रसूखदार चेहरों को प्रशासनिक स्तर पर बचाया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि उनके द्वारा दिए गए दान के पैसों की हेराफेरी के खिलाफ वे अपने कानूनी सलाहकारों के माध्यम से आगामी 5 या 6 जुलाई को खुद अयोध्या की पावन भूमि पर जाकर इस मामले में आधिकारिक केस दर्ज करवाएंगे।

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी

अयोध्या राम मंदिर निर्माण न्यास (ट्रस्ट) के भीतर कथित गड़बड़ी और वित्तीय घपले के मुद्दे पर आगे बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने इस मामले में पहले भी अनिल मिश्रा और महासचिव चंपत राय से नैतिक इस्तीफे की मांग की थी, लेकिन ट्रस्ट के मुख्य कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि से पद छोड़ने के लिए कभी नहीं कहा गया और न ही इस पूरे प्रकरण में अब तक किसी भी दोषी के खिलाफ कोई पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

उन्होंने कानूनी रणनीति का खुलासा करते हुए बताया, “दिल्ली के एक नामचीन क्रिमिनल लॉयर (आपराधिक मामलों के वकील) मित्र ने मुझे कानूनी सलाह दी है कि जो राशि मैंने व्यक्तिगत रूप से दान की थी, उसके गबन के खिलाफ मुझे अयोध्या कोर्ट (न्यायालय) का दरवाजा खटखटाना चाहिए। हम अदालत से मांग करेंगे कि आस्था के नाम पर लूटा गया वह पैसा वापस किया जाए, ताकि मैं उसे आदि शंकराचार्य के पूजनीय मठ या रामालय ट्रस्ट में सुरक्षित जमा कर सकूं।” उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि वे 5 या 6 जुलाई को वकीलों से अंतिम बैठक कर सभी आरोपी ट्रस्टियों को जेल भिजवाने का काम करेंगे।

उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकाल मंदिर की दान व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

अयोध्या विवाद के साथ-साथ दिग्विजय सिंह ने अपने इस आक्रामक भाषण में मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को भी लपेटे में ले लिया। उन्होंने प्रदेश सरकार और मंदिर प्रबंध समिति पर अविश्वास जताते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में आशंका व्यक्त की, “जिस तरह के हालात देश में बने हैं, उसे देखते हुए यदि उज्जैन के राजा महाकाल के पावन मंदिर में भी श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले चंदे की भारी चोरी हो रही हो, तो इसमें अब कोई बड़ी बात नहीं मानी जानी चाहिए।” दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश सहित देश की धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में एक नया भूचाल आ गया है।

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