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UPTET Exam News: UPTET परीक्षा में ‘मुन्ना भाइयों’ पर एआई का काल, 2 दिनों में 26 साल्वर गिरफ्तार!

UPTET Exam News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्थान पर इस बार ‘उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग’ ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के आयोजन की कमान संभाली। आयोग के अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार की अगुवाई में परीक्षा को शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए बेहद जोरदार और पुख्ता तैयारियां की गई थीं। इसके बावजूद, परीक्षा केंद्रों पर ‘मुन्ना भाइयों’ (फर्जी परीक्षार्थियों) द्वारा सेंधमारी करने की कोशिशों पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका। तीन दिवसीय इस महापरीक्षा के शुरुआती दो दिनों के भीतर ही अलग-अलग केंद्रों से कुल 26 नकलचियों और साल्वरों को रंगे हाथों पकड़ा जा चुका है।

दो दिवसीय कार्रवाई का ब्योरा

यह विशाल परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में स्थापित किए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। परीक्षा के पहले दिन (गुरुवार) को सुरक्षा एजेंसियों और मुस्तैद अमले ने अलग-अलग केंद्रों से 15 साल्वरों को दबोचा था। वहीं, परीक्षा के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को भी यह सिलसिला थमा नहीं और 11 और संदिग्ध फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार की पहली पाली के दौरान कुल नौ फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए, जिनमें उन्नाव, गोंडा, बदायूं, लखनऊ, मथुरा, अमेठी और सिद्धार्थनगर से एक-एक तथा कानपुर नगर से दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा, दूसरी पाली में मुस्तैदी दिखाते हुए बरेली और गाजीपुर से भी एक-एक फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा गया।

हाईटेक नकल का अनोखा तरीका

सुरक्षा जांच के दौरान न सिर्फ फर्जी छात्र पकड़े गए, बल्कि नकल के हाईटेक तरीके भी सामने आए। आगरा के एक परीक्षा केंद्र पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक परीक्षार्थी अपने जूते के भीतर मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल में प्रवेश कर गया। हालांकि, उसकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चल सकी; जैसे ही उसने जूते से मोबाइल निकालने की कोशिश की, वहां तैनात कक्ष निरीक्षकों और सुरक्षाकर्मियों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

कंट्रोल कमांड रूम से एआई कैमरों द्वारा ऑनलाइन निगरानी

इस परीक्षा को लीक-प्रूफ और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया था। परीक्षा के दौरान आयोग के ‘एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम’ से स्वयं अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिवों के साथ सभी 955 केंद्रों की लाइव ऑनलाइन निगरानी की। परीक्षा केंद्रों पर तैनात आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों की मदद से परीक्षार्थियों के चेहरे और उनकी संदिग्ध गतिविधियों को बारीकी से स्कैन किया जा रहा था। इसी एआई (AI) तकनीक की सतर्कता के कारण गुरुवार को पहली पाली में 7 और दूसरी पाली में 8 साल्वर दूसरों के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़े गए।

आरोपियों पर विधिक कार्रवाई शुरू

पकड़े गए सभी 26 साल्वरों को तुरंत स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल परीक्षा देने आए ‘मुन्ना भाई’ ही नहीं, बल्कि जिन मूल अभ्यर्थियों के स्थान पर ये साल्वर परीक्षा देने पहुंचे थे, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा। उन सभी मूल परीक्षार्थियों के विरुद्ध भी सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि आयोग को किसी भी परीक्षा केंद्र से पेपर लीक या व्यवस्था में किसी बड़ी गड़बड़ी की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

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