You are currently viewing Omar Abdullah News: ईरान-अमेरिका तनाव, कश्मीर बाढ़ और राज्य के दर्जे पर क्या बोले सीएम उमर अब्दुल्ला?

Omar Abdullah News: ईरान-अमेरिका तनाव, कश्मीर बाढ़ और राज्य के दर्जे पर क्या बोले सीएम उमर अब्दुल्ला?

Omar Abdullah News: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति से लेकर राज्य के कई संवेदनशील और स्थानीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी है। श्रीनगर के एसकेआईसीसी (SKICC) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया के किसी भी विवाद का समाधान केवल शांति और आपसी बातचीत के जरिए ही मुमकिन है।

अंतरराष्ट्रीय संकट और वैश्विक प्रभाव

उमर अब्दुल्ला ने ईरान और अमेरिका के बीच गहराते गतिरोध को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि ईरान पर होने वाले हमले शुरू से ही गैर-कानूनी रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस टकराव का दायरा सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर पूरी दुनिया को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) समेत सभी विवादित मामलों को सुलझाने के लिए एक स्थायी युद्धविराम की वकालत की।

आर्थिक मार और विकास कार्यों में बाधा

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपजे इस तनाव का सीधा संबंध भारत और जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के कारण कच्चे तेल के दामों में उछाल आता है। तेल महंगा होने से जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे के विकास, जैसे सड़कों के निर्माण की लागत काफी बढ़ जाती है। ईंधन के दाम बढ़ने से विकास परियोजनाओं का बजट प्रभावित होता है, जिससे आम जनता को भी इसका नुकसान उठाना पड़ता है।

प्राकृतिक आपदा और राहत कार्य

पिछले कुछ दिनों में पीर पंजाल और अन्य इलाकों में बादल फटने तथा भारी बारिश के कारण भारी तबाही हुई है। इस संकट को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की। गृह मंत्री ने राज्य में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली और केंद्र सरकार की ओर से हर संभव वित्तीय व तकनीकी मदद देने का भरोसा दिया। साथ ही, प्रभावित बुनियादी ढांचे को जल्द से जल्द ठीक करने का आश्वासन भी दिया।

पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली की मांग

जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग अब तेज हो गई है। आगामी 19 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े विरोध प्रदर्शन और मार्च की तैयारी है। उमर अब्दुल्ला ने बताया कि इस मार्च के लिए केवल ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन ही नहीं, बल्कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता (डॉ. साहब) एनडीए और इंडिया ब्लॉक से बाहर के दलों सहित हर राजनीतिक दल को आमंत्रित करेंगे। इस मुहिम को 170 से अधिक सिविल सोसाइटी संगठनों का भी समर्थन मिल चुका है।

क्षेत्रीय हितों पर ऐतिहासिक समझौता

पाकिस्तान के साथ जारी सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने पड़ोसी देश की धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह समझौता पहले दिन से ही जम्मू-कश्मीर के हितों के खिलाफ रहा है और इसके चलते राज्य को भारी आर्थिक व प्राकृतिक नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने साफ किया कि इस संधि पर उठाए जा रहे तकनीकी सवालों का जवाब केंद्र सरकार देगी।

पर्यावरण और धार्मिक आस्था का संतुलन

अमरनाथ यात्रा के शुरुआती दिनों में ही पवित्र बर्फ के शिवलिंग के समय से पहले पिघलने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रकृति और सर्वोच्च शक्तियों से जुड़ा मामला है। उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत तीर्थयात्रियों की संख्या और वहां होने वाली गतिविधियों पर पहले से ही सीमाएं तय हैं। अब यह अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की जिम्मेदारी है कि वह इन नियमों को जमीनी स्तर पर कड़ाई से लागू करे ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।

Spread the love

Leave a Reply