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Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, दो दिनों में 32 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने टेका माथा

Amarnath Yatra: श्रीनगर और आसपास के इलाकों में मौसम साफ होने के साथ ही पवित्र श्री अमरनाथ जी की यात्रा पूरी गरिमा और उत्साह के साथ जारी है। बीते दिनों पारंपरिक पहलगाम मार्ग से रवाना हुए शिवभक्तों का जत्था भी शनिवार को पवित्र गुफा तक पहुंच गया। बाबा बर्फानी के दर्शनों को लेकर शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। शनिवार को बालटाल और पहलगाम दोनों ही मुख्य रूटों से कुल 20,145 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही शुरुआती दो दिनों के भीतर ही बाबा के दरबार में नतमस्तक होने वाले कुल श्रद्धालुओं का आंकड़ा 32,313 तक पहुंच गया है।

जम्मू बेस कैंप से नई रवानगी

बाबा अमरनाथ के जयकारों के बीच जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से श्रद्धालुओं का नया जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच कश्मीर के लिए रवाना हुआ। तड़के सुबह सुरक्षा बलों की निगरानी में कुल 259 छोटे-बड़े वाहनों के काफिले में 4,812 तीर्थयात्रियों को आगे के सफर के लिए भेजा गया। इस जत्थे में से बालटाल रूट के जरिए यात्रा करने के लिए 2,041 श्रद्धालुओं को भेजा गया है, जबकि अपेक्षाकृत लंबे लेकिन पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा पूरी करने के लिए 2,771 श्रद्धालु रवाना हुए हैं।

यात्रा मार्ग पर सेवा और सुरक्षा का संगम

पवित्र गुफा की ओर बढ़ने वाले दोनों ही रास्तों पर देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। पूरे रास्ते में ‘बम बम भोले’ और ‘जय शिव शंकर’ के गगनभेदी जयघोष गूंज रहे हैं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। इस कठिन चढ़ाई के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा के लिए जगह-जगह लंगर कमेटियों द्वारा नि:स्वार्थ भाव से भोजन और जलपान परोसा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ दुर्गम रास्तों पर तैनात हैं, जो हर मोड़ पर यात्रियों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित कर रहे हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं में बड़ा सुधार

इस वर्ष प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। बालटाल से लेकर पवित्र गुफा तक जाने वाले ट्रैक को पहले की तुलना में काफी चौड़ा किया गया है। इसके साथ ही, पहाड़ी रास्तों से फिसलने के खतरे को कम करने के लिए पूरे मार्ग के किनारों पर मजबूत लोहे की सुरक्षा रेलिंग लगाई गई है, जिससे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत हो गई है। श्रीनगर में मीडिया से मुखातिब होते हुए कश्मीर के मंडलायुक्त (Divisional Commissioner) अंशुल गर्ग और आईजी (IGP) वीके बिर्दी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार रिकॉर्ड समय में सभी आवश्यक प्रबंध पूरे किए गए हैं।

प्रशासनिक मुस्तैदी और बुनियादी सुविधाएं

घाटी के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, दोनों मुख्य यात्रा मार्गों पर तंबू और आवास (Accommodation), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, शुद्ध पेयजल, विश्राम स्थल तथा पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) जैसी मूलभूत जरूरतें पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई गई हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन दल (NDRF/SDRF) को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रशासन पर्यावरण और सुरक्षा संतुलन को बनाए रखने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा निर्धारित की गई दैनिक यात्रा क्षमता के नियमों का पूरी कड़ाई से पालन सुनिश्चित कर रहा है।

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