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Monsoon Session 2026: मानसून सत्र में परिसीमन बिल लाएगी सरकार! भड़के खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, की बड़ी मांग

Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जिसके बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं। इस सत्र के दौरान केंद्र की मोदी सरकार महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने से जुड़े परिसीमन बिल को एक बार फिर संसद में पेश कर सकती है। इस बीच, विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संशोधित 131वें संविधान संशोधन विधेयक (131st Constitution Amendment Bill) को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।

खरगे ने जताई नाराजगी

प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र (Mallikarjun Kharge Letter to PM Modi) में कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं। खरगे ने लिखा, “मैं माननीय संसदीय कार्य मंत्री से लगातार यह अनुरोध करता रहा हूँ कि केंद्र सरकार परिसीमन (Delimitation) के संबंध में अपने प्रस्तावों पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाए, लेकिन हमारे अनुरोधों को स्वीकार नहीं किया गया। यही वजह थी कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 बीते 17 अप्रैल को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल न कर पाने के कारण लोकसभा में स्पष्ट रूप से विफल रहा था।”

खरगे ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए आगे कहा कि सरकार आगामी मानसून सत्र (Monsoon Session 2026) में इसे दोबारा पेश करने की तैयारी कर रही है। इसलिए हमारी मांग है कि इसे संसद के पटल पर रखने से पहले सभी दलों के साथ व्यापक चर्चा की जाए और विपक्ष को इसके अध्ययन के लिए पर्याप्त समय दिया जाए।

सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक

संसद सत्र के दौरान सरकार को घेरने और अपनी संसदीय रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास ’10, जनपथ’ पर एक हाई-प्रोफाइल बैठक हुई। इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और जयराम रमेश सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह संसद के मानसून सत्र में परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) के साथ-साथ कई अन्य संभावित बिलों का संसद के भीतर पुरजोर विरोध (Congress Opposition Monsoon Session) करेगी। इसके अलावा, मुख्य विपक्षी दल राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी, पेपर लीक मामला, एथनॉल नीति और देश की विदेश नीति जैसे गंभीर विषयों पर सरकार से तीखे सवाल पूछेगा और जवाब की मांग करेगा। कांग्रेस का मानना है कि सत्तापक्ष के पास सदन में दो-तिहाई बहुमत नहीं है, फिर भी विपक्ष की एकजुटता को बनाए रखने के लिए वे अन्य सहयोगी दलों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

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