Puri Rath Yatra Stampede: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा (Puri Rath Yatra Stampede) के दौरान आज एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। विश्व प्रसिद्ध रथोत्सव की शुरुआत में ‘पहांडी’ रस्म के संपन्न होने के बाद जब चतुर्धामूर्ति को रथों तक ले जाया जा रहा था, तभी ग्रैंड रोड पर स्थित मार्केट चौक और मरीचि कोर्ट चौक के बीच अचानक भीषण भगदड़ मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरक्षा घेरे से करीब 500 मीटर की दूरी पर अचानक श्रद्धालुओं की भीड़ अनियंत्रित हो गई। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और अफरातफरी के माहौल में लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में 200 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
भगदड़ में गई जान, दो भक्तों की दुखद मृत्यु से पसरा मातम
मिली जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे (Puri Rath Yatra Death Toll) का शिकार हुए लोगों में से एक व्यक्ति की मौके पर ही हालत बेहद गंभीर हो गई थी, जिसकी इलाज के दौरान दम तोड़ने से मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त कटक जिले के निवासी अनिल दास के रूप में हुई है। दुखद बात यह है कि इसी दौरान अस्पताल में उपचार ले रहे एक अन्य भक्त ने भी दम तोड़ दिया, जिससे महाप्रभु के भक्तों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक इन मौतों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन अस्पताल परिसर में घायलों के रिश्तेदारों का भारी तांता लगा हुआ है। एम्बुलेंस द्वारा लगातार घायलों को अस्पताल पहुँचाने का सिलसिला जारी है।
कैसे मची भगदड़ और क्या थी प्रशासन की तत्काल प्रतिक्रिया?
यह भीषण हादसा (Jagannath Rath Yatra Accident) तब हुआ जब पहंडी रस्म के बाद चर्मल खोला गया और अचानक श्रद्धालुओं का सैलाब एक संकरे चौराहे की ओर तेजी से बढ़ने लगा। भीड़ के अत्यधिक दबाव के कारण लोग अपना शारीरिक संतुलन खो बैठे और नीचे गिर गए, जिसके बाद पीछे से आने वाली बेकाबू भीड़ के कुचलने से स्थिति और विकट हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक आलाधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और प्रशासन घटनास्थल के साथ-साथ जिला अस्पताल परिसर में भी कड़ी निगरानी बनाए हुए है। किसी भी अप्रिय स्थिति को दोबारा न होने देने के लिए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।
पिछली त्रासदियों से सबक लेने में फिर नाकाम रहा प्रशासन?
पुरी रथ यात्रा के दौरान हुई यह भगदड़ कोई पहली घटना नहीं है। जून 2025 में भी रथ यात्रा के दौरान इसी प्रकार की घटना हुई थी, जिसमें श्री जगन्नाथ जी के पहुड़ के समय हुई धक्का-मुक्की में तीन भक्तों की जान चली गई थी और अनेक लोग घायल हुए थे।
पिछले वर्ष की त्रासदियों के बावजूद आज हुई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) की तैयारियों पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। लाखों की संख्या में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमेशा से एक चुनौती रहा है, लेकिन बार-बार होने वाले ऐसे हादसे व्यवस्था की खामियों को उजागर करते हैं। अब प्रशासन के सामने घायलों को त्वरित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बड़ी जिम्मेदारी है।

