UP News: उत्तर प्रदेश के रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान द्वारा स्थापित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई के नोटिस (Jauhar University Demolition Notice) को लेकर सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। समाजवादी पार्टी के बाद अब कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर राज्य की योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा के किसी भी मंदिर पर बुलडोजर चलाना सीधे तौर पर छात्रों और नौजवानों के सुनहरे भविष्य पर बुलडोजर चलाने के समान है।
‘आजम खान से राजनीतिक दुश्मनी निकाल रही है सरकार’
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद (Imran Masood on Azam Khan) ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “आपने आजम खान को जेल में बंद करके रखा हुआ है, लेकिन इस यूनिवर्सिटी में आज भी हजारों छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यदि यूनिवर्सिटी के कुछ भवन नक्शे के अनुरूप नहीं बने हैं, तो प्रशासन के पास ‘कम्पाउंडिंग’ (Compounding) जैसे कई अन्य कानूनी विकल्प मौजूद हैं। नियमों के तहत जुर्माना लेकर उसे नियमित किया जा सकता है, लेकिन सीधे बुलडोजर लेकर पहुंच जाना किसी भी तरह से उचित नहीं है।”
सांसद ने सरकार पर सीधे तौर पर आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई केवल आजम खान से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और दुश्मनी निकालने का एक जरिया है। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री दोनों मंचों से शिक्षा को बढ़ावा देने की बात करते हैं, तो फिर शिक्षा के इस बड़े संस्थान को इस तरह ध्वस्त क्यों किया जा रहा है?
‘यह सिर्फ मुसलमानों का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की शिक्षा का सवाल है’
इमरान मसूद (Congress on Rampur Jauhar University) ने इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशों का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा, “इस संवेदनशील मामले को केवल मुसलमानों का मुद्दा समझकर छोड़ देना बेहद गलत सोच है। यह मामला किसी एक व्यक्ति, जाति या समुदाय विशेष का नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था का है। एक चलते-फिरते विश्वविद्यालय को सोची-समझी साजिश के तहत खत्म किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने की तैयारी की जा रही है, जो किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।”
सपा की चुप्पी पर बोले इमरान मसूद, कोर्ट से लगाई गुहार
समाजवादी पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर पर्याप्त आक्रामकता न दिखाए जाने के सवाल पर इमरान मसूद ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा गंभीर विषय है जिस पर देश के सभी राजनीतिक दलों को बिना किसी संकोच के एक सुर में बोलना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने देश की न्यायपालिका से अपील करते हुए मांग की कि माननीय हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को इस गंभीर मामले का खुद (सुओ मोटो) संज्ञान लेना चाहिए और छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेले जाने से बचाने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।

