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Narottam Mishra: ‘दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूं’, टिकट कटने के बाद दतिया एसपी पर भड़के नरोत्तम मिश्रा

Narottam Mishra: मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का एक बेहद आक्रामक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा से टिकट न मिलने के बाद यह पहला मौका है जब नरोत्तम मिश्रा का स्थानीय पुलिस प्रशासन के खिलाफ इतना सख्त और तल्ख लहजा देखने को मिला है।

चुनावी मंच से पुलिस अधीक्षक (SP) को सीधे चुनौती देते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह अपने निर्दोष कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनके इस कड़े तेवर (Narottam Mishra Datia SP Warning) ने मध्य प्रदेश की सियासी सरगर्मियों को अचानक से बढ़ा दिया है।

‘मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों याद रखता हूँ, 3 तारीख का इंतजार है’

दतिया में आयोजित एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra Statement) ने पुलिस प्रशासन पर सीधे निशाना साधा। उन्होंने कहा, “दतिया एसपी साहब ध्यान से सुन लें। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि आपने गाड़ियां तोड़ीं, हमारे पास इसके पुख्ता फुटेज मौजूद हैं। आपको हाईवे का चक्काजाम खुलवाना था, आप जरूर खुलवाते, लेकिन गैस के गोले बीजेपी कार्यालय पर क्यों दागे? क्या हमारी पार्टी की बिल्डिंग मुख्य सड़क पर रखी हुई थी?”

मंच से दतिया एसपी को खुली चेतावनी देते हुए उन्होंने आगे कहा, “मैं दोस्ती और दुश्मनी दोनों को बखूबी याद रखता हूँ। मैं प्रेम और क्रोध दोनों को याद रखता हूँ। इसीलिए कह रहा हूँ कि हमारे निर्दोष कार्यकर्ताओं पर झूठे केस लगाना और उन्हें बेरहमी से पीटना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम सब अब बस 3 तारीख का इंतजार कर रहे हैं।”

दतिया उपचुनाव में आशुतोष तिवारी के समर्थन में उतरे नरोत्तम मिश्रा

दतिया विधानसभा उपचुनाव (Datia By Election BJP) के इस सियासी रण में नरोत्तम मिश्रा की जगह पार्टी ने आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया है। टिकट कटने के बाद पहली बार आशुतोष तिवारी के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे नरोत्तम मिश्रा ने अपनी ही पार्टी के भीतर चल रही खींचतान की ओर भी इशारा किया।

बीजेपी कार्यालय में भरे मंच से उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “आशुतोष तिवारी की इतनी क्षमता या हैसियत नहीं है कि वो मेरा टिकट काट सकें। मेरा टिकट काटने वाले लोग कोई और हैं, और वहां तक तिवारी जी की पहुंच ही नहीं है। वो जो कोई भी हैं, उनसे मैं खुद सीधे बात करूंगा।”

क्यों भड़के पूर्व गृहमंत्री और क्या है पूरा मामला?

दरअसल, दतिया उपचुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था। जैसे ही पार्टी ने उनकी जगह आशुतोष तिवारी के नाम का ऐलान किया, वैसे ही नरोत्तम मिश्रा के नाराज समर्थकों और कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया।

सड़क खाली कराने पहुंची पुलिस टीम और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज (Datia Police Lathicharge) किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद पुलिस ने कई भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले भी दर्ज किए। अपने समर्थकों पर हुई इसी पुलिसिया कार्रवाई और लाठीचार्ज के बाद से नरोत्तम मिश्रा बेहद खफा हैं और उन्होंने चुनावी मंच से सीधे पुलिस के आला अधिकारियों को आड़े हाथों लिया है।

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