UP Politics: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ के उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनने पर उनकी तारीफ की है। उन्होंने आराधना मिश्रा को सज्जन महिला बताते हुए उनके राजनीतिक संस्कार और परिवार की पृष्ठभूमि की भी प्रशंसा की। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मुकाबला मोना के व्यक्तिगत मुद्दों पर नहीं, बल्कि राहुल गांधी के मुद्दे पर होगा।
प्रमोद तिवारी को बताया जमीन से जुड़े सफल राजनेता
बृजभूषण शरण सिंह ने एक मीडिया बातचीत में आराधना मिश्रा के पिता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रमोद तिवारी का चुनाव जीतने का रिकॉर्ड जमीन से जुड़े नेताओं में सबसे मजबूत है। उन्होंने प्रमोद तिवारी के नौ बार विधायक चुने जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी बेटी आराधना मिश्रा को भी वही संस्कार और राजनीतिक वातावरण मिला है।
‘मोना जी को व्यक्तिगत रूप से काफी पसंद करता हूं’, बोले बृजभूषण
बृजभूषण सिंह ने आराधना मिश्रा की व्यक्तिगत तौर पर भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह उन्हें काफी पसंद करते हैं और उनके व्यवहार को अच्छा मानते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राजनीतिक लड़ाई आराधना मिश्रा के व्यक्तित्व के आधार पर नहीं लड़ी जाएगी। उनके मुताबिक, चुनाव का मुख्य मुद्दा राहुल गांधी की राजनीति और कांग्रेस नेतृत्व होगा।
कांग्रेस ने आराधना मिश्रा मोना को बनाया यूपी कांग्रेस अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस ने अपने प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने शुक्रवार को आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। इसके साथ ही सहारनपुर से लोकसभा सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है।
कांग्रेस संगठन में कई अहम नियुक्तियां, तत्काल प्रभाव से लागू
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, सभी नई नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश स्तर पर कई अन्य जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया है। इन नियुक्तियों को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
ब्राह्मण-मुस्लिम-दलित समीकरण पर कांग्रेस का फोकस
आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष और इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने के फैसले में कांग्रेस के पुराने सामाजिक समीकरण की झलक दिखाई दे रही है। आराधना मिश्रा ब्राह्मण समुदाय से आती हैं, जबकि इमरान मसूद मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं दलित समुदाय से आने वाले राजेंद्र पाल गौतम पहले से ही उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी की भूमिका निभा रहे हैं।
कांग्रेस के पुराने कोर वोटबैंक को फिर जोड़ने की कोशिश
कांग्रेस लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण, दलित और मुस्लिम समुदायों के समर्थन के दम पर मजबूत रही थी। हालांकि, मंडल राजनीति के विस्तार और भारतीय जनता पार्टी के बढ़ते प्रभाव के साथ यह सामाजिक समीकरण कमजोर होता गया। अब संगठन में नई नियुक्तियों के जरिए कांग्रेस इस पुराने सामाजिक आधार को फिर से मजबूत करने की कोशिश करती नजर आ रही है।
यूपी कांग्रेस संगठन में अन्य बड़े बदलाव भी किए गए
आराधना मिश्रा और इमरान मसूद की नियुक्ति के साथ कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश संगठन में कई अन्य बदलाव भी किए हैं। देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं वीरेंद्र चौधरी को उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल का नेता नियुक्त किया गया है।
बृजभूषण की विपक्षी नेताओं की तारीफ से बढ़ी सियासी चर्चा
आराधना मिश्रा की तारीफ से पहले भी बृजभूषण शरण सिंह विपक्षी नेताओं को लेकर अपने बयानों से चर्चा में रहे हैं। हाल ही में उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की भी तारीफ की थी। इंडिया अलायंस को लेकर उन्होंने टिप्पणी की थी कि अखिलेश यादव के बिना सब सूना है। अब आराधना मिश्रा और प्रमोद तिवारी की प्रशंसा के बाद उनका बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।
विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने में जुटी है। ऐसे समय में बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह का कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष की प्रशंसा करना राजनीतिक रूप से खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए साफ संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक असहमति बरकरार है।

