Azam Khan Arrest: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। करीब 11 महीने बाद रामपुर जेल से रिहा होने के कुछ ही घंटे बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शनिवार शाम करीब 7:15 बजे आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ जेल से बाहर आए थे। परिवार और समर्थकों के लिए यह राहत का मौका था, लेकिन कुछ ही देर बाद ED की कार्रवाई ने उनकी मुश्किलें फिर बढ़ा दीं।
ED ने आजम खान को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित एजेंसी के मुख्यालय ले जाया गया। यहां अधिकारियों ने उनसे देर रात तक पूछताछ की। रविवार सुबह उन्हें गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाया गया।
दो पैन कार्ड मामले में राहत के बाद 11 महीने बाद जेल से बाहर आए आजम खान
आजम खान की रिहाई का रास्ता 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद साफ हुआ था। दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने उनकी 10 साल की सजा को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद शनिवार शाम करीब 7:15 बजे वह रामपुर जेल से बाहर आए।
इस दौरान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी उनके साथ मौजूद थे। करीब 11 महीने बाद जेल से बाहर आने पर समर्थकों में खुशी का माहौल था। हालांकि, जेल के गेट से बाहर निकलने के कुछ ही समय बाद ED ने उन्हें जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस तरह जेल से बाहर आने के बाद आजम खान को फिर से जांच एजेंसी की हिरासत में जाना पड़ा।
जौहर विश्वविद्यालय मामले में ED की कार्रवाई, रातभर आजम खान से हुई पूछताछ
प्रवर्तन निदेशालय की यह कार्रवाई जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में की गई है। जांच एजेंसी को इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका है। इसी सिलसिले में आजम खान को गिरफ्तार कर दिल्ली स्थित ED मुख्यालय ले जाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, ED अधिकारियों ने आजम खान से रातभर पूछताछ की। इस दौरान जांच एजेंसी ने उनसे 50 से ज्यादा सवाल पूछे। पूछताछ में जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण, सरकारी धन के इस्तेमाल और उससे जुड़े दूसरे पहलुओं पर जानकारी ली गई।
पांच गाड़ियों के काफिले में कोर्ट पहुंचे आजम खान, 100 जवान रहे तैनात
रविवार सुबह करीब 10:30 बजे ED का काफिला आजम खान को लेकर गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट पहुंचा। उन्हें पांच गाड़ियों के काफिले में दिल्ली से गाजियाबाद लाया गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
कोर्ट परिसर और आसपास करीब 100 पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात रहे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। आजम खान अर्टिगा कार में बैठे हुए शांत नजर आए। वह खिड़की से बाहर मौजूद लोगों की तरफ देखते रहे।
मीडिया के सवाल पर आजम खान का जवाब- ‘अब क्या रह गया है बोलने को’
गाजियाबाद कोर्ट पहुंचने के दौरान मीडिया के लोगों ने आजम खान से बात करने की कोशिश की। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह इस पूरे मामले पर कुछ कहना चाहेंगे? इस पर आजम खान ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा, ‘क्या रह गया है बोलने को।’
इतना कहने के बाद उन्होंने कार की खिड़की बंद कर ली। उनके इस जवाब के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। फिलहाल सभी की नजर गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट की सुनवाई और ED की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

