Vrindavan News: उत्तर प्रदेश के वृंदावन में स्थित श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जल्द ही कुछ नए नियम देखने को मिल सकते हैं। मंदिर में लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए प्रबंधन अब दर्शन व्यवस्था को बेहतर और सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुट गया है। इसके लिए मंदिर की हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी नया ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के भगवान बांकेबिहारी के दर्शन कराना और मंदिर परिसर में भीड़ को व्यवस्थित रखना है।
बांकेबिहारी मंदिर के 14 रास्तों से हटेगा अतिक्रमण, श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
नई व्यवस्था के तहत मंदिर तक पहुंचने वाले सभी 14 रास्तों को अतिक्रमण मुक्त बनाने की योजना है। इन रास्तों पर जगह-जगह हुए कब्जों की वजह से श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी होती है। खासकर शनिवार और रविवार को मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में रास्ते साफ होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान हो सकती है और भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
इस संबंध में कमेटी की बैठक के बाद सदस्यों ने मंदिर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़, प्रवेश और निकास के रास्तों के साथ दर्शन व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई।
कार्तिक मास में बांकेबिहारी मंदिर में बढ़ेगी भीड़, 10 नवंबर से विशेष तैयारी
दिवाली के बाद कार्तिक मास में वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। 10 नवंबर से भक्तों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन पहले से ही तैयारियों में जुट गया है। इसी सिलसिले में शनिवार शाम लक्ष्मण शहीद स्मारक भवन स्थित कार्यालय में श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने की। इसमें कमेटी के सदस्यों और सेवायत गोस्वामियों के साथ दर्शन व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सभी से सुझाव भी मांगे गए, ताकि त्योहारों और कार्तिक मास के दौरान मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
VIP दर्शन के लिए एक दिन पहले कराना होगा रजिस्ट्रेशन, तय होगा अलग रास्ता
बांकेबिहारी मंदिर की नई योजना में VIP दर्शन को लेकर भी बदलाव किए जा सकते हैं। इसके तहत सेवायत गोस्वामियों के शिष्यों और VIP श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए एक दिन पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यानी बिना पूर्व रजिस्ट्रेशन के VIP दर्शन की सुविधा मिलना आसान नहीं होगा।
मंदिर में VIP श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए निकास द्वार संख्या चार पर बनी रेलिंग को प्रवेश के लिए निर्धारित किया गया है। वहीं, दर्शन करने के बाद इन श्रद्धालुओं को निकास द्वार संख्या एक से बाहर निकाला जा रहा है। इस व्यवस्था का मकसद सामान्य श्रद्धालुओं और VIP लोगों के रास्ते अलग-अलग रखना है, जिससे मंदिर में भीड़ का दबाव कम हो सके।
VIP प्रोटोकॉल में आने वालों को मिलेगी तत्काल रजिस्ट्रेशन की सुविधा?
नई व्यवस्था में एक और खास बात सामने आई है। मंदिर कमेटी VIP प्रोटोकॉल के तहत आने वाले विशिष्ट लोगों को तत्काल रजिस्ट्रेशन की सुविधा देने पर भी विचार कर रही है। अगर कोई व्यक्ति किसी वजह से एक दिन पहले रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाता है, तो मंदिर पहुंचने पर उसका तुरंत रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा।
कमेटी अध्यक्ष अशोक कुमार के मुताबिक, इस व्यवस्था को लागू करने के लिए योजना तैयार की जा रही है। इसके अलावा VIP दर्शन के नाम पर होने वाली वसूली और दूसरी अनियमित गतिविधियों पर रोक लगाने की भी तैयारी है।
हालांकि, तत्काल रजिस्ट्रेशन की सुविधा अभी प्रस्तावित है। इसे कब से लागू किया जाएगा, इस बारे में फिलहाल अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में मंदिर प्रबंधन की ओर से नई दर्शन व्यवस्था को लेकर और जानकारी दी जा सकती है।

