UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर पूर्व नौकरशाह की एंट्री चर्चा का विषय बन गई है। बिजनौर जिले की धामपुर विधानसभा सीट पर अब एक नए चेहरे की दावेदारी सामने आई है। प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी (DM) रह चुके रिटायर्ड IAS अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने सक्रिय राजनीति में उतरने का ऐलान कर दिया है। खास बात यह है कि उन्होंने धामपुर विधानसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। उनके इस ऐलान के बाद स्थानीय सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
धामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे पूर्व IAS डॉ. दिनेश चंद्र सिंह?
शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को बिजनौर के एक निजी रिसोर्ट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने अपने राजनीतिक इरादे साफ कर दिए। उन्होंने कहा कि वह धामपुर क्षेत्र के पुरैनी गांव के रहने वाले हैं। सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने अलग-अलग जिलों में जिम्मेदारियां निभाईं, लेकिन अब रिटायरमेंट के बाद अपने गृह क्षेत्र के लोगों के बीच रहकर काम करना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि अब उनका लक्ष्य धामपुर और बिजनौर के विकास में योगदान देना है। इसके लिए वह बीजेपी के साथ जुड़कर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी उनके नाम या उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बाहरी नेताओं पर पूर्व IAS का निशाना, गिलहरी वाला उदाहरण देकर कही बड़ी बात
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने क्षेत्र की राजनीति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बिजनौर की जनता ने हमेशा बाहरी नेताओं को भी मौका दिया और उन्हें बड़े पदों तक पहुंचाया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कई नेता क्षेत्र की सेवा के लिए वापस नहीं लौटे।
उन्होंने खुद को स्थानीय बताते हुए कहा कि वह इसी मिट्टी के रहने वाले हैं और जनता के बीच रहकर काम करना चाहते हैं। अपनी बात समझाने के लिए उन्होंने रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि जिस तरह एक छोटी सी गिलहरी ने रामसेतु बनाने में अपनी भूमिका निभाई थी, उसी तरह वह भी बिजनौर के विकास में अपना छोटा सा योगदान देना चाहते हैं।
15 दिन में 2.54 लाख आयुष्मान कार्ड बनवाकर चर्चा में आए थे डॉ. दिनेश चंद्र
डॉ. दिनेश चंद्र सिंह का दावा है कि प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्हें कई चुनौतीपूर्ण जिलों में काम करने का मौका मिला। वह जौनपुर, सहारनपुर, बहराइच और कानपुर देहात जैसे जिलों में जिलाधिकारी रह चुके हैं।
सहारनपुर में डीएम रहते हुए उन्होंने महज 15 दिनों में 2.54 लाख आयुष्मान कार्ड बनवाने का काम किया था। इस उपलब्धि के लिए तत्कालीन मुख्य सचिव की ओर से उन्हें सम्मानित भी किया गया था। इसके अलावा वह देशभर में बेहतर चुनाव प्रशिक्षण देने वाले IAS अधिकारियों में भी अपनी पहचान बना चुके हैं।
करीब तीन महीने पहले ही वह जौनपुर के जिलाधिकारी पद से रिटायर हुए हैं। अब सरकारी सेवा से निकलकर सीधे चुनावी राजनीति में उतरने की उनकी तैयारी चर्चा में है।
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए भी दिया था इंटरव्यू
डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने करियर से जुड़ी एक और अहम बात साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए भी आवेदन किया था। इस पद के लिए कुल 5,585 आवेदन आए थे, जिनमें से इंटरव्यू के लिए चुने गए 16 उम्मीदवारों में उनका नाम दूसरे स्थान पर था। हालांकि, पद एक ही होने के कारण किसी दूसरे उम्मीदवार का चयन हुआ।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी मुलाकात का भी जिक्र किया। इस मुलाकात के बाद से ही स्थानीय राजनीतिक हलकों में उनकी संभावित राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चाएं हो रही हैं।
बीजेपी के टिकट पर धामपुर से दावेदारी, हाईकमान के फैसले पर नजर
डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने कहा कि वह बीजेपी की राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रभावित हैं और पार्टी के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। उनकी इच्छा है कि पार्टी उन्हें धामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का मौका दे।
फिलहाल धामपुर सीट पर बीजेपी के टिकट को लेकर उनकी दावेदारी ने स्थानीय नेताओं के बीच नई चर्चा शुरू कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बीजेपी नेतृत्व एक अनुभवी पूर्व IAS अधिकारी पर भरोसा जताएगा या किसी पुराने राजनीतिक चेहरे को ही मौका देगा। आने वाले समय में पार्टी का फैसला इस सीट के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

