Jantar Mantar Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को फ्लाइट के अंदर से हिरासत में लिए जाने के मामले ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे आपातकाल से भी बदतर स्थिति बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष और विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को फ्लाइट से ही हिरासत में लिया जाना सरकार के डर को दर्शाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे से ध्यान हटाने और सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया जा रहा है। ये आरोप केजरीवाल के हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि अलग से आवश्यक है।
पीएम मोदी पर वोट चोरी और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप
अभिजीत दीपके की हिरासत पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में तानाशाही जैसी स्थिति बन रही है और विरोध की आवाजों को दबाने की कोशिश की जा रही है। केजरीवाल ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री पर राजनीतिक हमला बोला।
हालांकि, चुनाव में वोट चोरी या लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने संबंधी आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। इन दावों की पुष्टि के लिए संबंधित चुनावी रिकॉर्ड, आधिकारिक बयान और स्वतंत्र प्रमाण जरूरी हैं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। पार्टी की मांग है कि चुनावों में कथित गड़बड़ियों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। इसी मांग के समर्थन में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचने की योजना बना रहे थे।
दी गई जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दीपके के साथ आशुतोष रांका और सौरभ दास भी दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। आरोप है कि विमान के उतरने के बाद दिल्ली पुलिस की एक टीम फ्लाइट के भीतर पहुंची और तीनों नेताओं समेत उनके साथ आए कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस की ओर से कार्रवाई के कारणों और कानूनी आधार की आधिकारिक पुष्टि के बिना इस घटनाक्रम के सभी पहलुओं को निर्णायक रूप से नहीं बताया जा सकता।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद कई कार्यकर्ताओं की हिरासत का दावा
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे या घर से निकल चुके अन्य लोगों को भी हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। खबर में हजारों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है, लेकिन इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
रिपोर्ट के अनुसार, यूट्यूबर ध्रुव राठी और कॉकरोच जनता पार्टी की रत्नी पाठक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। इन घटनाओं के बाद विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
चुनावी पारदर्शिता और विरोध प्रदर्शन पर बढ़ा राजनीतिक विवाद
अभिजीत दीपके की हिरासत और केजरीवाल की प्रतिक्रिया ने चुनावी पारदर्शिता, SIR प्रक्रिया और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। जहां केजरीवाल ने पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया, वहीं पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष तस्वीर सामने आने के लिए दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष, हिरासत के आधार और संबंधित व्यक्तियों की स्थिति की पुष्टि जरूरी है।

