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Afzal Ansari को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत, शस्त्र लाइसेंस मामले में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक

समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को शस्त्र लाइसेंस मूल पत्रावली मामला में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने एफआईआर को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख तक उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। राज्य सरकार को इस मामले में जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया गया है।

शस्त्र लाइसेंस मूल पत्रावली मामले में अफजाल अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत

शस्त्र लाइसेंस मूल पत्रावली मामला में समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इस फैसले से फिलहाल अफजाल अंसारी को कानूनी राहत मिली है, जबकि मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत में जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को समय देते हुए अगली सुनवाई तक किसी भी तरह की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी।

शस्त्र लाइसेंस रिकॉर्ड गायब कराने के आरोप में दर्ज हुई थी एफआईआर

शस्त्र लाइसेंस रिकॉर्ड गायब करने के मामले में गाजीपुर के कोतवाली थाने में 22 जुलाई 2026 को अफजाल अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि उन्होंने संबंधित शस्त्र लिपिक के साथ कथित मिलीभगत कर शस्त्र लाइसेंस की मूल पत्रावली गायब कराई।

एफआईआर दर्ज होने के बाद अफजाल अंसारी ने इसे गलत बताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपनी याचिका में एफआईआर को निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की। उनका कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज मामला कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने मांगा जवाब दाखिल करने का समय

इलाहाबाद हाईकोर्ट सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए संबंधित विभागों से निर्देश प्राप्त करना आवश्यक है। इसी आधार पर सरकार ने अदालत से अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया।

अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का अवसर दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक अफजाल अंसारी के खिलाफ गिरफ्तारी की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई में सरकार का जवाब और दोनों पक्षों की दलीलें अहम रहेंगी।

शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में दो शस्त्र लिपिक भी आरोपी

शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में अफजाल अंसारी के अलावा तत्कालीन शस्त्र लिपिक गौरीशंकर लाल और शस्त्र लिपिक द्वितीय सुग्रीव तिवारी को भी आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि कथित तौर पर इनकी मिलीभगत से मूल पत्रावली गायब हुई।

तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 409, 120-बी और 419 के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धारा 21, 25 और 30 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अफजाल अंसारी केस में अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें

अफजाल अंसारी शस्त्र लाइसेंस मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अदालत द्वारा दी गई अंतरिम राहत केवल अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान राज्य सरकार अपना जवाब दाखिल करेगी, जिसके बाद अदालत एफआईआर की वैधता और आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।

फिलहाल इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगी हुई है। अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत राज्य सरकार के जवाब और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे का निर्णय लेगी।

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