UP Politics: सावन के पहले सोमवार पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा विवाद, विधानसभा में विपक्ष के हंगामे और काशी विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठाए।
अजय राय का काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक
काशी विश्वनाथ मंदिर जलाभिषेक के लिए सावन के पहले सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ वाराणसी स्थित आवास से रवाना हुए। मंदिर में दर्शन-पूजन से पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला।
अजय राय ने विधानसभा में समाजवादी पार्टी के हंगामे का समर्थन करते हुए कहा कि विपक्ष का विरोध उचित है। उनके अनुसार, राम मंदिर चढ़ावा विवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों में चढ़ावे से जुड़े मामलों को लेकर सरकार की भूमिका सवालों के घेरे में है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद और पप्पू यादव प्रकरण पर अजय राय का बड़ा बयान
राम मंदिर चढ़ावा विवाद और सांसद पप्पू यादव से जुड़े हालिया विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में अजय राय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मूल मुद्दे से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर में कथित चढ़ावा अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा होने के बजाय दूसरे विवादों को आगे लाकर राजनीतिक माहौल बनाया जा रहा है। अजय राय का आरोप है कि जनता के असली सवालों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मुद्दों को प्रमुखता दी जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला
काशी विश्वनाथ मंदिर व्यवस्था को लेकर भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों के प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी है और सरकार व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने में विफल रही है।
अजय राय ने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े मामलों को लेकर सवाल उठे, उसी तरह अब काशी विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मंदिर परिसर में दलालों और ठगों की सक्रियता श्रद्धालुओं के लिए चिंता का विषय है और प्रशासन को इस पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए।
काशी विश्वनाथ मंदिर में दलालों पर कार्रवाई
काशी विश्वनाथ मंदिर सुरक्षा व्यवस्था के बीच सावन माह में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। हाल के दिनों में दर्शन कराने के नाम पर ठगी और अवैध वसूली की शिकायतों के बाद कार्रवाई भी तेज की गई है।
पुलिस ने रविवार को आठ कथित दलालों को गिरफ्तार किया था। वहीं सोमवार को भी एक व्यक्ति को महिला श्रद्धालु से दर्शन कराने के नाम पर चार हजार रुपये लेने के आरोप में पकड़ा गया। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
सावन में काशी की राजनीति और मंदिर व्यवस्था पर बढ़ी सियासी बहस
सावन सोमवार, काशी विश्वनाथ मंदिर और राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, तो दूसरी ओर प्रशासन मंदिरों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का दावा कर रहा है।
सावन के पवित्र महीने में जहां लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वाराणसी पहुंच रहे हैं, वहीं मंदिरों की व्यवस्था और उनसे जुड़े विवाद भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

