Ayodhya News: रामनगरी अयोध्या में रामलला के विराजमान होने से पहले ही महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की शुरुआत कर दी गई थी। इसका लाभ अब बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों को मिल रहा है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2026 के जनवरी से जून तक छह महीनों में 3.70 लाख से अधिक यात्रियों ने अयोध्या आने और यहां से जाने के लिए हवाई यात्रा का विकल्प चुना। लगातार बढ़ती यह संख्या बताती है कि राम मंदिर के साथ अयोध्या अब देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल हो चुकी है।
राम मंदिर दर्शन के लिए हवाई यात्रा का बढ़ा रुझान
एयरपोर्ट प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून 2026 के बीच करीब 1.90 लाख यात्री अयोध्या पहुंचे, जबकि लगभग 1.80 लाख यात्रियों ने यहां से विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भरी। आगमन और प्रस्थान के आंकड़ों में मामूली अंतर यह दर्शाता है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर वापस अपने गंतव्य लौट रहे हैं। धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ व्यावसायिक यात्रियों की संख्या भी धीरे-धीरे बढ़ रही है।
अयोध्या एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत पांच शहरों के लिए सीधी फ्लाइट
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से वर्तमान में दिल्ली, अहमदाबाद, बेंगलुरु, मुंबई और हिसार के लिए सीधी हवाई सेवाएं उपलब्ध हैं। इंडिगो की चार नियमित उड़ानों के अलावा आकासा एयर और एलायंस एयर की एक-एक दैनिक फ्लाइट संचालित हो रही है। इन उड़ानों ने देश के विभिन्न हिस्सों से अयोध्या तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान बना दिया है।
रामलला दर्शन के लिए हर महीने 50 हजार से अधिक यात्रियों ने चुनी हवाई यात्रा
बीते छह महीनों के आंकड़े बताते हैं कि औसतन हर महीने 50 हजार से अधिक यात्रियों ने हवाई जहाज के जरिए अयोध्या की यात्रा की। इनमें अधिकांश श्रद्धालु रामलला के दर्शन के साथ हनुमानगढ़ी, कनक भवन, सरयू घाट और अन्य प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण कर रहे हैं। वहीं, कुछ यात्री ऐसे भी हैं जो नियमित रूप से अपने व्यावसायिक कार्यों के लिए इस एयर रूट का उपयोग करते हैं।
अयोध्या एयरपोर्ट पर मई में बना सबसे बड़ा रिकॉर्ड
जनवरी से जून के बीच मई का महीना सबसे व्यस्त रहा। इस दौरान कुल 69,746 यात्रियों ने अयोध्या एयरपोर्ट का उपयोग किया। इसमें 35,050 यात्रियों का आगमन और 34,696 यात्रियों का प्रस्थान दर्ज किया गया। अप्रैल में 67,295 और जनवरी में 68,876 यात्रियों की आवाजाही भी उल्लेखनीय रही। जून में यात्रियों की संख्या 45,173 रही, जबकि जुलाई में 19 जुलाई तक 19,177 यात्रियों का रिकॉर्ड दर्ज किया जा चुका है।
राम मंदिर निर्माण और अयोध्या एयरपोर्ट ने बदली धार्मिक पर्यटन की तस्वीर
अयोध्या के विकास की कहानी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदली है। 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हुआ। इसके बाद 30 दिसंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन किया। 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आस्था केंद्र बन गई। एयरपोर्ट की शुरुआत ने इस धार्मिक नगरी को देश के बड़े शहरों से सीधे जोड़कर पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दी है।
जनवरी से जुलाई तक अयोध्या एयरपोर्ट यात्री आंकड़े
जनवरी से जुलाई (19 जुलाई 2026 तक) के उपलब्ध आंकड़े अयोध्या में लगातार बढ़ती हवाई यात्राओं की पुष्टि करते हैं।
| माह | आगमन | प्रस्थान | कुल यात्री |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 34,023 | 34,853 | 68,876 |
| फरवरी | 29,616 | 27,793 | 57,409 |
| मार्च | 31,621 | 30,018 | 61,639 |
| अप्रैल | 37,859 | 29,436 | 67,295 |
| मई | 35,050 | 34,696 | 69,746 |
| जून | 21,884 | 23,289 | 45,173 |
| जुलाई | 8,801 | 10,376 | 19,177 |
जुलाई के आंकड़े 19 जुलाई 2026 तक के हैं।
लगातार बढ़ती यात्री संख्या यह संकेत देती है कि आने वाले समय में अयोध्या एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त धार्मिक पर्यटन केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

