West Bengal News: पश्चिम बंगाल सरकार ने चोरबागान सर्वजनिन समुदाय दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है। इस टीम की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती करेंगी। SIT को तीन महीने के अंदर अपनी जांच पूरी करके रिपोर्ट और जरूरी सिफारिशें सौंपनी होंगी। सरकार का यह कदम हादसे की वजहों का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करने के लिए अहम माना जा रहा है।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने न्यायिक जांच का दिया था निर्देश
इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल सरकार को एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग गठित करने का निर्देश दिया था। कोर्ट के जस्टिस वींद्र विठ्ठलराव घुगे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा था। इसके बाद राज्य सरकार ने जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती के नेतृत्व में SIT गठित करने का फैसला किया।
हाईकोर्ट के मौजूदा जज को जांच में शामिल करने की क्यों नहीं मिली अनुमति?
इससे पहले पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय को पत्र लिखा था। उन्होंने मामले की जांच के लिए हाईकोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश को नामित करने की अपील की थी।
हालांकि, मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय की ओर से बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश के मुताबिक, ऐसे आयोग में किसी सेवारत न्यायाधीश की नियुक्ति नहीं की जा सकती। इसलिए राज्य सरकार को जांच आयोग की अध्यक्षता के लिए अपनी पसंद के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश का चयन करना होगा। इसी प्रक्रिया के बाद रिटायर्ड जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती को जिम्मेदारी सौंपी गई।
चोरबागान पूजा पंडाल भगदड़ में 19 लोगों की मौत
यह दर्दनाक हादसा 17 अक्टूबर की रात चोरबागान सर्वजनिन समुदाय दुर्गा पूजा समिति के पंडाल में हुआ था। भगदड़ के दौरान मची अफरा-तफरी में कुल 19 लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूजा पंडालों में भीड़ के प्रबंधन, सुरक्षा इंतजामों और प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठने लगे। अब SIT इन पहलुओं की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट में हादसे के कारणों के साथ जरूरी सुधारों की सिफारिश भी करेगी।
पीड़ित परिवारों से मिले शुभेंदु अधिकारी, सौंपे मुआवजे के चेक
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को हादसे में जान गंवाने वाले कुछ लोगों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों को मुआवजे के चेक भी सौंपे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हादसे की जांच पूरी गंभीरता से कराई जाएगी और जांच आयोग की रिपोर्ट सामने लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। सरकार का कहना है कि पीड़ित परिवारों को सहायता देने के साथ घटना की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई, सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
शुभेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि जांच में जो भी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह पूजा समिति का आयोजक हो या पुलिस विभाग का कोई कर्मचारी, दोष साबित होने पर कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी पद पर नौकरी देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल लोगों के इलाज का खर्च पश्चिम बंगाल सरकार उठाएगी। घायलों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया गया है।
अब सबकी नजर SIT की जांच पर है। तीन महीने के भीतर आने वाली रिपोर्ट से यह साफ होने की उम्मीद है कि भगदड़ किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।

