West Bengal News: पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा प्रतिमा विसर्जन को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के एक बयान से चर्चा तेज हो गई है। बुधवार को मुख्यमंत्री कोलकाता के बाबूघाट पहुंचे और हुगली नदी में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियों का जायजा लिया। शहर के एक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के दौरान 19 लोगों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट है। इसी को देखते हुए विसर्जन के दौरान सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे इंतजाम पर नजर रखने के लिए 18 आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन पर शुभेंदु अधिकारी का बयान
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि हुगली नदी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान केवल सनातन धर्म को मानने वाले लोगों को ही प्रतिमाओं को छूने की अनुमति होगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुलिस कमिश्नर को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि हुगली नदी में प्रतिमाओं को ले जाने वालों की पहचान रखी जाए। जो लोग सनातन धर्म को मानते हैं, वे ही प्रतिमाओं को छुएंगे। इसमें कोई सांप्रदायिक मामला नहीं है।”
उनके इस बयान के बाद विसर्जन के दौरान लोगों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने साफ किया कि इस फैसले को सांप्रदायिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
कोलकाता दुर्गा पूजा भगदड़ के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त
दरअसल, महाष्टमी की शाम कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई। घटना के बाद प्रशासन ने दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बाबूघाट पर कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद और नगर आयुक्त स्मिता पांडे के साथ तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान विजयादशमी पर विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूरा कराने पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से मजबूत किया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी व्यवस्था में शामिल किया गया है। विसर्जन पूरा होने के बाद घाटों और आसपास के इलाकों में सफाई अभियान चलाया जाएगा।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की निगरानी करेंगे 18 IPS अधिकारी
कोलकाता में भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन ने विसर्जन प्रक्रिया की निगरानी के लिए कुल 18 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया है। एक अधिकारी के मुताबिक, इनमें से 12 अधिकारियों की ड्यूटी कोलकाता में लगाई गई है, जबकि छह अधिकारी हावड़ा, बैरकपुर और चंदननगर में व्यवस्था संभालेंगे।
ये अधिकारी 21 अक्टूबर से 24 अक्टूबर तक अलग-अलग तारीखों पर ड्यूटी करेंगे। निगरानी बेहतर बनाने के लिए सभी अधिकारियों का अलग-अलग ड्यूटी शेड्यूल तैयार किया गया है, ताकि विसर्जन के दौरान भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा सके।
कोलकाता, हावड़ा और दूसरे इलाकों में अधिकारियों की ड्यूटी
कोलकाता में गौरव शर्मा, सोमा दास मित्रा, राशिद मुनीर खान, आकाश मघारिया, सुरेश कुमार चदिवे और धृतिमान सरकार 21 और 23 अक्टूबर को विसर्जन की निगरानी करेंगे। वहीं, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, इमरान वहाब, शिश राम झाझरिया, सौम्या रॉय, पारिजात विश्वास और सिद्धार्थ धपोला 22 और 24 अक्टूबर को जिम्मेदारी संभालेंगे।
हावड़ा में इंद्र चक्रवर्ती 21 और 23 अक्टूबर को तैनात रहेंगे, जबकि अवुरू रवींद्रनाथ 22 और 24 अक्टूबर को निगरानी करेंगे। बैरकपुर में पलाश चंद्र ढाली और द्युतिमान भट्टाचार्य को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, चंदननगर में अभिजीत बनर्जी और संदीप मंडल विसर्जन की व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
विसर्जन के दौरान भीड़ नियंत्रण पर प्रशासन का जोर
कोलकाता में हुए हादसे के बाद प्रशासन की प्राथमिकता दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से पूरा कराना है। पुलिस अधिकारियों की तैनाती, NDRF की मदद और घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता के जरिए भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारी की गई है। अब प्रशासन की कोशिश है कि विसर्जन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हो सकें।

