UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज 1 मई, अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर श्रमिक समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इस ऐतिहासिक दिन पर मुख्यमंत्री ने राष्ट्र और राज्य के निर्माण में पसीना बहाने वाले करोड़ों कामगारों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और ‘आत्मनिर्भर’ बनाने के पीछे राज्य के श्रमवीरों का पुरुषार्थ ही सबसे बड़ी ताकत है।
मई दिवस पर श्रमिक कल्याण योजनाओं का उपहार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस के उपलक्ष्य में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से प्रदेश को संबोधित किया। उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष ‘मई दिवस’ केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ‘श्रमेव जयते’ के संकल्प को सिद्ध करने के लिए राज्य सरकार ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ का भव्य आयोजन कर रही है। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित कई नई जन-कल्याणकारी योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जो असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेंगी।
विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में ‘मौन शक्ति’ और श्रमवीरों के योगदान का वंदन
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को भावनात्मक रूप से नमन करते हुए उन्हें प्रदेश की ‘मौन शक्ति’ की संज्ञा दी। उन्होंने लिखा कि हमारे श्रमिक भाई-बहन वे आधार स्तंभ हैं जिनके कठिन परिश्रम से बुनियादी ढांचे के सपने धरातल पर आकार लेते हैं। योगी आदित्यनाथ के अनुसार, ‘विकसित उत्तर प्रदेश-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की यात्रा इन श्रमवीरों के बिना अधूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य के बुनियादी ढांचे, सड़कों, उद्योगों और कृषि के विकास को जो गति मिली है, वह सीधे तौर पर मजदूरों के निस्वार्थ सेवा भाव और पुरुषार्थ का परिणाम है।
राष्ट्र निर्माण के शिल्पकारों को डिप्टी सीएम केशव मौर्य का सलाम
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर अपनी शुभकामनाएं साझा कीं। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की अतुलनीय और अद्वितीय भूमिका को रेखांकित किया। मौर्य ने ‘श्रमेव जयते’ के उद्घोष के साथ कहा कि किसी भी देश की प्रगति की वास्तविक आधारशिला वहां के मजदूरों का समर्पण और मेहनत होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने और आत्मनिर्भरता के पथ पर निरंतर अग्रसर करने में इन कर्मठ बंधुओं का अथक श्रम ही देश को सशक्त और समृद्ध बना रहा है।
मई दिवस का वैश्विक महत्व और मेहनतकश समाज के सम्मान का प्रतीक
उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 1 मई को संपूर्ण विश्व में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन तमाम करोड़ों कामगारों और मेहनतकशों को समर्पित है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी राष्ट्र की विकास की चक्की को चालू रखते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस वर्ष मज़दूर दिवस को उत्सव के रूप में मनाकर यह संदेश दिया है कि श्रमिकों का कल्याण और उनका सम्मान राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सीएम योगी और उनकी कैबिनेट के इस संदेश ने प्रदेश के करोड़ों पंजीकृत और अपंजीकृत श्रमिकों के मनोबल को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।

