Dhirendra Shastri: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई उनकी एक टिप्पणी से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश के आगरा में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई गई है। यह शिकायत अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने आगरा सिविल कोर्ट में दाखिल की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री ने एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भगवान कृष्ण को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिससे उनके वंशजों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
राम कथा में भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में आयोजित राम कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और भगवान कृष्ण की शारीरिक मुद्राओं यानी उनके खड़े होने के तरीकों की तुलना की थी। इसी दौरान उन्होंने भगवान कृष्ण को लेकर एक टिप्पणी की, जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है।
शिकायत में कहा गया है कि धीरेंद्र शास्त्री ने प्रवचन के दौरान कहा था कि जो लोग भगवान कृष्ण को मानते हैं, उन्हें उनकी बात बुरी लग सकती है, लेकिन कृष्ण बहुत टेढ़े हैं। वह जब खड़े भी होते हैं तो तीन जगहों से मुड़े हुए दिखाई देते हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि धार्मिक मंच से भगवान कृष्ण के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।
कृष्ण के वंशज होने का दावा, सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने अपनी शिकायत में तर्क दिया है कि भगवान श्रीकृष्ण द्वापर युग में मानव रूप में जन्मे थे और उनके वंशज आज भी देश के अलग-अलग हिस्सों में रहते हैं। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में जादून, जडेजा और भाटी जैसे समुदायों का ऐतिहासिक उल्लेख भी किया है।
सिंह ने यह भी दावा किया है कि वह अपनी ननिहाल की तरफ से भगवान श्रीकृष्ण के वंशज हैं। उनका आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से केवल उनकी धार्मिक भावनाएं ही आहत नहीं हुईं, बल्कि भगवान कृष्ण के वंशजों की सामाजिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा है।
आगरा कोर्ट में हुई शुरुआती सुनवाई, 14 दिसंबर को अगली तारीख
इस मामले में सिविल जज कंचन कुमार के सामने प्रारंभिक सुनवाई हुई। अदालत ने शिकायत दर्ज कर ली है और मामले में अगली सुनवाई के लिए 14 दिसंबर की तारीख तय की है। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें रहेंगी। फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों पर अदालत में सुनवाई होनी बाकी है।
अखिलेश यादव के बयान के बाद बढ़ी धार्मिक उपदेशकों पर सियासत
धीरेंद्र शास्त्री से जुड़ा यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब धार्मिक प्रवचनों और उपदेशकों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। इससे एक दिन पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजकों और प्रायोजकों से विवादित उपदेशकों से दूरी बनाए रखने की अपील की थी।
अखिलेश यादव के इस बयान पर उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पलटवार किया। उन्होंने रामचरितमानस की एक चौपाई का हवाला देते हुए कहा कि जिनका अपना आचरण सवालों के घेरे में हो, उन्हें दूसरों को उपदेश नहीं देना चाहिए। इस तरह भगवान कृष्ण पर टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई के साथ राजनीतिक बयानबाजी का भी हिस्सा बन गया है।

