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Lucknow News: दिव्या मिश्रा हत्याकांड में नया मोड़, मानस की कॉल डिटेल से मददगार की तलाश तेज

Lucknow News: लखनऊ में ICICI बैंक अधिकारी दिव्या मिश्रा की हत्या और उनके बहनोई मानस वाजपेयी की मौत के मामले में पुलिस की जांच अब एक नई दिशा में बढ़ती नजर आ रही है। मानस की कॉल डिटेल में सामने आए कुछ संपर्कों ने पुलिस का शक गहरा दिया है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि दिव्या की हत्या में मानस अकेला नहीं था और किसी व्यक्ति ने उसे दिव्या के बैंक पहुंचने की जानकारी दी थी।

दिव्या के बैंक पहुंचने की सूचना किसने दी? कॉल डिटेल में अहम सुराग

पुलिस की जांच के मुताबिक, वारदात से करीब 24 घंटे पहले मानस ने 20 से ज्यादा लोगों से फोन पर बातचीत की थी। इनमें उसके परिचितों के अलावा कामकाज से जुड़े लोग भी शामिल हैं। कुछ नंबर पुलिस को सामान्य लगे, जबकि कुछ संपर्क अब जांच के दायरे में हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि 20 अगस्त को दोपहर करीब 12:19 बजे दिव्या के बैंक पहुंचने की जानकारी मानस को किसने दी थी।

पुलिस को शक है कि दिव्या के बैंक पहुंचते ही मानस का वहां पहुंचना महज संयोग नहीं था। बताया जा रहा है कि वह ऑटो से बैंक पहुंचा और दिव्या के अंदर जाने के दौरान उस पर हमला कर दिया। इस घटनाक्रम से पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या किसी व्यक्ति ने केवल दिव्या की लोकेशन और टाइमिंग बताई थी या फिर हत्या की पूरी योजना में भी उसकी भूमिका थी।

प्रज्ञा मिश्रा के सवाल से जुड़ी पुलिस की नई जांच, मानस को मिली थी मदद?

घटना के बाद यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने भी मानस की भूमिका को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि मानस को कार चलाना नहीं आता था, ऐसे में दिव्या पर दिनदहाड़े हमला करने के बाद वह इतनी तेजी से घटनास्थल से कैसे निकलकर घर पहुंचा। उन्होंने इस संभावना की ओर भी इशारा किया था कि मानस को किसी अन्य व्यक्ति से मदद मिल रही हो सकती है।

अब मानस की कॉल डिटेल में सामने आए संपर्कों के बाद पुलिस इसी एंगल पर गंभीरता से जांच कर रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि संदिग्ध व्यक्ति कौन है और उसने मानस की किस तरह मदद की थी।

मानस के बैंक में पूछताछ से खुल सकता है बड़ा राज

पुलिस अब मानस के कार्यस्थल पर भी जांच आगे बढ़ाने की तैयारी में है। सोमवार को टीम जानकीपुरम स्थित बैंक पहुंचकर उसके सहकर्मियों और अधिकारियों से पूछताछ करेगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि वारदात से दो से चार दिन पहले मानस का व्यवहार कैसा था और वह किन लोगों के संपर्क में था।

पुलिस यह भी जानना चाहती है कि बैंक में मानस से कौन लोग नियमित रूप से मिलते थे, उसके किन लोगों से करीबी संबंध थे और हाल के दिनों में किसी व्यक्ति की गतिविधि असामान्य तो नहीं थी। कॉल डिटेल में मिले सामान्य और संदिग्ध नंबरों को अलग-अलग खंगाला जा रहा है।

दिव्या मिश्रा हत्याकांड में पिस्टल की सप्लाई भी जांच के केंद्र में

जांच का एक अहम सिरा उस पिस्टल से भी जुड़ा है, जिससे दिव्या और बाद में मानस की मौत हुई। पुलिस को संदेह है कि मानस को यह हथियार किसी अन्य व्यक्ति ने उपलब्ध कराया था। गोमतीनगर पुलिस ने कथित तौर पर हथियार मुहैया कराने वाले संभावित लोगों को जांच के दायरे में लिया है।

पुलिस की कई टीमें हथियार की सप्लाई से जुड़े लोगों की तलाश कर रही हैं। पड़ोसी जिलों के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी दबिश दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस को उम्मीद है कि हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति तक पहुंचने पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि मानस को पिस्टल कब और कैसे मिली और वारदात की तैयारी कितने समय पहले शुरू हुई थी।

20 अगस्त को बैंक के बाहर 12:19 बजे क्या हुआ था?

दिव्या मिश्रा मिठाई वाला चौराहे के पास स्थित ICICI बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। घटना वाले दिन वह सुबह बैंक पहुंची थीं और बाद में एक सहकर्मी के साथ विजिट पर बाहर गई थीं। पुलिस की जांच के अनुसार, दोपहर करीब 12:19 बजे दिव्या वापस बैंक के गेट पर पहुंचीं।

इसी दौरान मानस के वहां पहुंचने की बात सामने आई है। आरोप है कि मानस ऑटो से बैंक पहुंचा और दिव्या के अंदर जाने के दौरान पीछे से उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद मारपीट और पिस्टल की बट से सिर पर हमला करने के बाद बेहद करीब से गोली मारने का आरोप है।

हत्या के बाद मानस घर पहुंचा, बहन और फिर खुद को मारी गोली

पुलिस के मुताबिक, दिव्या पर हमला करने के बाद मानस ऑटो से अपने घर पहुंचा। वहां उसने कथित तौर पर अपनी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी और इसके बाद उसी हथियार से खुद को भी गोली मार ली। दोनों घटनाओं के बीच के समय, मानस की आवाजाही और उसके संपर्कों को पुलिस अब बारीकी से जोड़ रही है।

फिलहाल जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिव्या के बैंक पहुंचने की जानकारी मानस तक कैसे पहुंची और उसे हथियार किसने उपलब्ध कराया। कॉल डिटेल, बैंक कर्मचारियों से पूछताछ और हथियार की सप्लाई से जुड़े संदिग्धों की तलाश के जरिए पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हालांकि, किसी तीसरे व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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