UP Politics: उत्तर प्रदेश की कैसरगंज लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने आरक्षण सुधार को लेकर जारी सियासी विवाद पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को आगे आकर इस पर चर्चा करनी चाहिए और बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर सकते हैं।
बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह बोले- आरक्षण का मुद्दा बेहद गंभीर, बड़े नेताओं को करनी चाहिए बात
करण भूषण सिंह ने आरक्षण सुधार को लेकर चल रही बहस पर अपनी सीमित टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन उनका व्यक्तिगत मत है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बैठकर इस विषय पर बातचीत करनी चाहिए।
बीजेपी सांसद के मुताबिक, चर्चा और संवाद के जरिए विवाद को सुलझाने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बयानबाजी को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। करण भूषण सिंह ने यह भी कहा कि कुछ लोग मामले को ऐसी दिशा में ले जा सकते हैं, जो उचित नहीं होगी।
आरक्षण सुधार आंदोलन को गलत दिशा में ले जाने वालों पर करण भूषण सिंह की नजर
करण भूषण सिंह ने कहा कि आरक्षण को लेकर मौजूदा माहौल को देखते हुए सभी पक्षों को संयम से काम लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने हितों के लिए इस मुद्दे को गलत राह पर ले जाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे लोगों की भूमिका को लेकर उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया।
उनके बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में बहस और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो रही हैं।
सतीश महाना राष्ट्रगान विवाद पर भी बोले करण भूषण सिंह, गलती मानने की बात कही
बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से जुड़े राष्ट्रगान विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। दरअसल, सतीश महाना का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह राष्ट्रगान पूरा होने से पहले वहां से जाते दिखाई दिए थे। इस पर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर सवाल उठे थे।
करण भूषण सिंह ने कहा कि उन्होंने वीडियो देखा है और उनके मुताबिक यह एक गलती थी। उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें भी बुरा लगा होगा और संभव है कि जानकारी मिलने के बाद सतीश महाना को भी इस बात की चिंता हुई हो।
राष्ट्रगान विवाद पर बोले- बड़े नेताओं के दिमाग में कई बातें चलती रहती हैं
करण भूषण सिंह ने कहा कि संभव है कि उस समय सतीश महाना किसी विचार में व्यस्त रहे हों या उन्हें किसी दूसरे कार्यक्रम में जाना हो। उन्होंने कहा कि इसे गलती के तौर पर देखा जाना चाहिए और इस घटना को लेकर अनावश्यक विवाद नहीं बढ़ाना चाहिए।
बीजेपी सांसद ने यह भी कहा कि बड़े नेताओं की जिम्मेदारियां काफी होती हैं और उनके दिमाग में एक साथ कई चीजें चलती रहती हैं। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि राष्ट्रगान के दौरान ऐसी स्थिति बनना गलती थी।
आरक्षण सुधार की मांग पर देशभर में सियासी घमासान, अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
बता दें कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर इन दिनों राजनीतिक बहस तेज है। सवर्ण वर्ग से जुड़े कुछ संगठनों और लोगों की ओर से आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई जा रही है। इसके बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेताओं के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरक्षण सुधार की मांग को आरक्षण खत्म करने की साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कोशिश पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के हितों के खिलाफ है। अखिलेश यादव ने कहा है कि आरक्षण था और आगे भी रहेगा।
ब्रजेश पाठक ने आरक्षण आंदोलनकारियों से की मुलाकात, मांगें नेतृत्व तक पहुंचाने का भरोसा
इस विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आरक्षण सुधार की मांग कर रहे आंदोलनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने उनकी मांगों को बीजेपी नेतृत्व तक पहुंचाने का भरोसा दिया। पाठक ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है।
आरक्षण सुधार को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और सामाजिक समूहों के रुख के बीच करण भूषण सिंह का बातचीत के जरिए समाधान निकालने का बयान चर्चा में है। अब देखना होगा कि बीजेपी का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व इस संवेदनशील मुद्दे पर आगे क्या रुख अपनाता है और आंदोलन को लेकर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

