Himachal earthquake: हिमाचल प्रदेश में शनिवार सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। जब भूकंप आया, उस समय ज्यादातर लोग गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक धरती हिलने से लोग घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए आनन-फानन में घरों से बाहर निकल आए। सुबह के वक्त आए इन झटकों से कई इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, भूकंप शनिवार तड़के 4 बजकर 36 मिनट पर आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज की गई। भूकंप का असर शिमला समेत हिमाचल प्रदेश के कई दूसरे इलाकों में भी महसूस किया गया। अचानक आए झटकों के चलते लोग कुछ देर के लिए सहम गए और सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे।
शिमला समेत कई इलाकों में भूकंप का असर, लोगों में डर
भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। सुबह का समय होने के कारण कई लोग अभी सो रहे थे। ऐसे में अचानक बिस्तर हिलने और धरती कांपने से लोगों की नींद खुल गई। कुछ देर तक लोगों में यह समझने की कोशिश होती रही कि आखिर हुआ क्या है।
हालांकि, भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोगों ने एहतियात बरतते हुए खुले स्थानों का रुख किया। शिमला के अलावा प्रदेश के अन्य इलाकों में भी लोगों ने कंपन महसूस किया। फिलहाल भूकंप से जुड़ी किसी बड़ी घटना की जानकारी सामने नहीं आई है।
भूकंप से जान-माल का नुकसान नहीं, मकानों में दरार की भी खबर नहीं
सुबह आए भूकंप से लोगों में डर जरूर फैल गया, लेकिन राहत की बात यह है कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। न ही किसी मकान में दरार आने या इमारतों को नुकसान पहुंचने की सूचना सामने आई है।
भूकंप की तीव्रता 4.1 होने के बावजूद झटकों से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है। हालांकि, भूकंप के बाद सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि कई बार शुरुआती झटकों के बाद हल्के आफ्टरशॉक भी महसूस हो सकते हैं।
भूकंप के दौरान क्या करें? जानें बचाव के जरूरी तरीके
भूकंप आने पर सबसे जरूरी है कि घबराने के बजाय शांत रहें। पैनिक करने से हालात और बिगड़ सकते हैं। अगर आप घर या किसी इमारत के अंदर हैं, तो तुरंत बाहर भागने की कोशिश न करें। जमीन पर झुक जाएं, किसी मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे छिपें और उसे मजबूती से पकड़कर रखें। सिर और गर्दन को हाथों से ढक लें।
खिड़कियों, कांच के दरवाजों, बाहरी दीवारों और ऐसी चीजों से दूर रहें, जो गिरकर चोट पहुंचा सकती हैं। झटके महसूस होने के दौरान सीढ़ियों या लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें। कंपन बंद होने के बाद ही सावधानी से बाहर निकलें और किसी खुले स्थान पर चले जाएं।
खुले मैदान में रहें, बिजली के तारों और इमारतों से बनाएं दूरी
अगर आप भूकंप के दौरान बाहर हैं, तो इमारतों, दीवारों, पेड़ों और बिजली के तारों से दूर किसी खुले स्थान पर चले जाएं। झटके बंद होने तक वहीं रहें। अगर आप गाड़ी चला रहे हैं, तो सुरक्षित जगह देखकर वाहन रोक दें और बिजली के खंभों, पुलों या इमारतों के पास रुकने से बचें।
भूकंप के बाद गैस की गंध आने या बिजली के तार टूटे दिखने पर उनसे दूर रहें। माचिस, मोमबत्ती या खुली आग का इस्तेमाल न करें। घर में पालतू जानवरों को सुरक्षित रखने की कोशिश करें और उन्हें भगदड़ में खुला छोड़ने से बचें। किसी भी तरह की चोट या इमारत को नुकसान होने पर स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं से मदद लें।
हिमाचल में आए इस भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। फिर भी लोगों को सतर्क रहने और भूकंप से बचाव के जरूरी नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

