लखनऊ: राजधानी लखनऊ में कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार चर्चा में है। अब इस मामले में शिवा के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि एक समय शिवा पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उत्तर प्रदेश एसटीएफ उसकी तलाश कर रही थी। बाद में उसे बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में जेल जाने के बाद वह बाहर आया था।
बताया जा रहा है कि शिवा का नाम गोमतीनगर में 30 अगस्त को हुए क्लब फायरिंग मामले में सामने आया था। इस मामले में वह नामजद आरोपी था। एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि, उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का उसकी मौत से क्या संबंध है, यह अभी जांच का विषय है। पुलिस को मामले की सभी परिस्थितियों की जांच करनी होगी।
हजरतगंज के अवध ग्रीन अपार्टमेंट में कैसे हुई शिवा की मौत?
यह पूरा मामला लखनऊ के वीआईपी इलाके हजरतगंज स्थित बालू अड्डा के अवध ग्रीन अपार्टमेंट का है। यहां 27 वर्षीय कैफे संचालक शिवा शर्मा की चौथी मंजिल से गिरने के बाद संदिग्ध हालात में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार ने इसे सामान्य हादसा या आत्महत्या मानने से इनकार किया है। परिजनों ने शिवा की लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और अन्य लोगों पर साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया है।
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की अभी जांच की जानी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शिवा अपार्टमेंट से किन परिस्थितियों में गिरा था। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों, परिस्थितियों और लोगों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
शिवा के शरीर पर चोट के निशान, परिवार ने लगाए प्रताड़ना के आरोप
परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया गया है कि घटना के समय शिवा के शरीर पर केवल अंडरवियर था। उसके चेहरे पर लिपस्टिक लगी होने और शरीर पर सिगरेट से जलाने जैसे निशान होने की बात भी सामने आई है। परिवार का आरोप है कि इन चोटों को लेकर पुलिस से शिकायत की गई थी और बाद में उन्हें पंचनामे में शामिल कराया गया।
शिवा की मां रंजना शर्मा ने आरोप लगाया कि श्रद्धा दुबे पिछले करीब चार महीने से उनके बेटे को मानसिक रूप से परेशान कर रही थी और उसे कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जा रहा था। परिवार का दावा है कि आरोपी महिला अपनी राजनीतिक पहुंच और रसूख का दबाव बनाती थी। मां ने पुलिस को दोनों के बीच की बताई जा रही व्हाट्सऐप चैट्स भी सौंपी हैं। इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जेल जाने के डर का फायदा उठाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि शिवा के पुराने आपराधिक मामले और दोबारा जेल जाने के डर का फायदा उठाकर उसे दबाव में रखा जा रहा था। बताया गया है कि घटना से दो दिन पहले वह अपनी बीएमडब्ल्यू कार से घर से निकला था और अवध ग्रीन अपार्टमेंट में मौजूद था।
हालांकि, शिवा की मौत और पुराने आपराधिक मामले के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस को यह पता लगाना है कि घटना से पहले क्या हुआ था और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
श्रद्धा दुबे समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर, पुलिस जांच में जुटी
शिवा की मां की तहरीर पर हजरतगंज पुलिस ने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे, आदिल और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एसीपी हजरतगंज के मुताबिक, मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।
फिलहाल पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्य ही यह स्पष्ट कर पाएंगे कि शिवा की मौत किन परिस्थितियों में हुई। परिवार के आरोपों, कथित चोटों, व्हाट्सऐप चैट्स और पुराने आपराधिक मामले से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

