Nari Shakti Vandan Adhiniyam: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) के मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ पर तीखा हमला बोला है। लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने विपक्ष के पुराने आचरण को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि जिस तरह से संसद में इस ऐतिहासिक बिल का विरोध किया गया, वह लोकतंत्र के मंदिर में ‘द्रौपदी के चीरहरण’ जैसा दृश्य था।
आधी आबादी का आक्रोश और इंडी गठबंधन की भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश की ‘आधी आबादी’ यानी महिलाओं के मन में कांग्रेस, सपा, राजद, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों के प्रति भारी आक्रोश है। उन्होंने इन दलों को उस ‘पाप’ का भागीदार बताया, जिन्होंने दशकों तक महिला आरक्षण की राह में रोड़े अटकाए। सीएम ने कहा कि आज जब यह अधिनियम पारित हो चुका है, तब भी विपक्ष का नकारात्मक रवैया उनके महिला विरोधी चेहरे को उजागर करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन के सहयोगियों ने हमेशा महिलाओं के नेतृत्व क्षमता को उभरने से रोका है।
संवैधानिक प्रावधान और आरक्षण के नाम पर राजनीति
अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भारत का संविधान तैयार हो रहा था, तब भी कुछ ताकतों ने धर्म के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठाई थी, जिसे तत्कालीन नेतृत्व ने सर्वसम्मति से खारिज कर दिया था। उन्होंने विपक्ष पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर राजनीति करते रहे हैं। सीएम ने मांग की कि महिलाओं के अपमान के लिए विपक्षी गठबंधन को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।
तीन तलाक कानून का विरोध और कांग्रेस की विफल नीतियां
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साहसी फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए कानून बनाया, तब भी कांग्रेस और ‘इंडी’ गठबंधन ने इसका पुरजोर विरोध किया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को देश पर सबसे लंबे समय तक शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उन्होंने कभी भी नारी, गरीब, युवा और किसान के कल्याण के लिए कोई ठोस कार्यक्रम लागू नहीं किया।
संसदीय परिसीमन और दक्षिण भारत की चिंताओं का समाधान
महिला आरक्षण के लागू होने की प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2023 में यह अधिनियम पारित हुआ। जब सामाजिक संगठनों ने इसे लागू करने की मांग की, तो पीएम मोदी ने इसके लिए निर्णायक कदम उठाए। उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंताओं (सीटें कम होने का डर) पर स्पष्ट किया कि आगामी जनगणना के आधार पर सीटों का अनुपात तय होगा ताकि किसी का हक न मारा जाए। अंत में उन्होंने दोहराया कि एनडीए सरकार महिला सशक्तिकरण के हर कदम के साथ मजबूती से खड़ी है।

