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West Bengal Elections: ‘जीने-मरने की होगी लड़ाई’: ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका पर ममता बनर्जी ने दी कड़ी चेतावनी

West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के एक स्ट्रांगरूम में तीन घंटे से अधिक समय बिताकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। चुनाव परिणामों से ठीक पहले, तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ने स्पष्ट रूप से आगाह किया है कि यदि मतदान मशीनों या मतों की गिनती की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की हेरफेर या अवैध हस्तक्षेप की कोशिश की गई, तो वह और उनकी पार्टी इसके खिलाफ आर-पार की जंग लड़ेंगे।

भवानीपुर के वितरण केंद्र का निरीक्षण और चुनावी मशीनों की सुरक्षा पर सवाल

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रांगरूम और वितरण केंद्र का औचक दौरा किया। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस केंद्र पर ईवीएम (EVM) और मतपत्रों को सुरक्षित रखा गया है। ममता बनर्जी का यह कदम टीएमसी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए उस वायरल वीडियो के बाद आया है, जिसमें स्ट्रांगरूम के निकट संदिग्ध गतिविधियों का दावा किया गया था। मुख्यमंत्री ने वहां रुककर सुरक्षा व्यवस्था और मशीनों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया।

मतदान यंत्रों में हेरफेर के विरुद्ध ‘जान की बाजी’ लगाने का संकल्प

निरीक्षण के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए ममता बनर्जी ने अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा, “यदि कोई वोटिंग मशीन चुराने या मतगणना में धांधली करने का दुस्साहस करता है, तो हम अपनी जान की बाजी लगाकर उसका मुकाबला करेंगे।” मुख्यमंत्री ने दृढ़ता के साथ कहा कि वह लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध हलचल देखने के बाद ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से जमीनी स्थिति देखने का निर्णय लिया।

केंद्रीय बलों के साथ गतिरोध और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर कटाक्ष

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने शुरुआत में उन्हें परिसर के भीतर प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि, एक उम्मीदवार के तौर पर अपने कानूनी अधिकारों का हवाला देने के बाद उन्हें भीतर जाने दिया गया। उन्होंने निर्वाचन नियमों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्याशियों और उनके अधिकृत एजेंटों को सीलबंद कमरों तक जाने की अनुमति होती है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि एकतरफा कार्रवाई के तहत उनकी पार्टी के प्रतिनिधियों को निशाना बनाया जा रहा है।

काउंटिंग से पहले टीएमसी का चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला

4 मई को होने वाली मतगणना और नतीजों से पहले इस घटनाक्रम ने एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। तृणमूल कांग्रेस ने एक फुटेज जारी कर दावा किया है कि अधिकृत प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ की गई है, जो चुनावी नियमों का सीधा उल्लंघन है। टीएमसी नेतृत्व ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग के बीच ‘साठगांठ’ होने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि वे इस मामले को लेकर चुप नहीं बैठेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।

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