You are currently viewing UP Politics: ओमप्रकाश राजभर की शंकराचार्य को खुली चुनौती ‘गाड़ी पर लगाएं सपा का झंडा और करें खुलकर बैटिंग!’

UP Politics: ओमप्रकाश राजभर की शंकराचार्य को खुली चुनौती ‘गाड़ी पर लगाएं सपा का झंडा और करें खुलकर बैटिंग!’

UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानों के तीर चलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इन दिनों अपने तीखे तेवरों को लेकर चर्चा में चल रहे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अब सीधे तौर पर सत्ताधारी दल के निशाने पर आ गए हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव से उनकी हालिया मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शंकराचार्य को एक बेहद तंजभरी राजनीतिक सलाह दे डाली है। राजभर ने न सिर्फ शंकराचार्य के राजनीतिक हस्तक्षेप पर आपत्ति जताई, बल्कि सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर होने वाली बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी विपक्ष को जमकर घेरा।

शंकराचार्य के राजनीतिक रुख पर राजभर का तंज

कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के हालिया बयानों और अखिलेश यादव से हुई 30 मिनट की मुलाकात पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि एक धार्मिक गुरु को राजनीति का अखाड़ा नहीं तैयार करना चाहिए।

“हम तो शंकराचार्य जी को यही राय देंगे कि वे अब कुर्ता-पजामा सिलवा लें, अपनी गाड़ी पर समाजवादी पार्टी का झंडा लगा लें और खुलकर बैटिंग करें। शंकराचार्य का मूल काम अपने धर्म का प्रचार-प्रसार करना है, न कि राजनीतिक हस्तक्षेप करना। वे भूल गए कि इन्हीं सपाइयों ने बनारस में शंकराचार्य को पिटवाया था। क्या वे इनके बूते उत्तर प्रदेश में सरकार बदल देंगे?” – ओमप्रकाश राजभर, कैबिनेट मंत्री, यूपी

गौरतलब है कि शंकराचार्य ने राम मंदिर चढ़ावे में चोरी का आरोप लगाते हुए कहा था कि पीएम मोदी चंपत राय को बचा रहे हैं, साथ ही उन्होंने सीएम योगी की तुलना कालनेमि से कर दी थी, जिसके बाद से बीजेपी और उसके सहयोगी दल उन पर हमलावर हैं।

सोनम वांगचुक को अस्पताल शिफ्ट करने के फैसले का राजभर ने किया पुरजोर समर्थन

नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को विपक्ष जहां दमनकारी बता रहा है, वहीं राजभर ने इसे सही ठहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वांगचुक पिछले कई दिनों से अन्न-जल त्यागे हुए थे, जिससे उनकी शारीरिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई थी। राजभर के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने उनके गिरते स्वास्थ्य और जीवन की रक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत जो भी फैसला लिया, वह पूरी तरह प्रशासनिक और मानवीय दृष्टिकोण से उचित है।

जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई और एनडीए में सीट शेयरिंग पर दोटूक

रामपुर की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही प्रशासनिक और कानूनी तलवार को लेकर राजभर ने इसके लिए सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अगर सपा के कार्यकाल में इस यूनिवर्सिटी के निर्माण के समय जमीन को लेकर हेरफेर न की गई होती और वह पूरी तरह विधिक रूप से शिक्षण संस्थान के नाम दर्ज होती, तो आज कोई उंगली नहीं उठा पाता। सपा ने जानबूझकर यह फंसाने वाली साजिश रची थी। उन्होंने साफ किया कि यूपी में केवल वही एक इमारत नहीं टूट रही, बल्कि जहां भी अवैध निर्माण है, वहां बुलडोजर चल रहा है।

इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के लिए एनडीए के घटक दलों द्वारा किए जा रहे सीटों के दावों पर उन्होंने सहयोगियों को नसीहत देते हुए कहा कि कोई भी सीट किसी के नाम पर परमानेंट रजिस्टर्ड नहीं है, इस पर अंतिम फैसला बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन और केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा।

Spread the love

Leave a Reply