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Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजने पर भड़के राहुल गांधी, बोले- ‘मोदी सरकार का सिद्धांत असत्य और हिंसा’

Sonam Wangchuk Hunger Strike: नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद देश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। इस प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार अब विपक्ष के सीधे निशाने पर है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राहुल गांधी ने इस कदम को पूरी तरह अलोकतांत्रिक और दमनकारी करार दिया है।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का प्रहार

राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक बयान में केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक देश में अहिंसक तरीके से अपनी बात रख रहे नागरिक की आवाज को दबाना निंदनीय है।

“मोदी सरकार का मुख्य सिद्धांत असत्य और हिंसा बन चुका है। सोनम वांगचुक जी को जंतर-मंतर से उस समय बलपूर्वक हटाना पूरी तरह गलत है, जब वह एक पूर्णतः अहिंसक भूख हड़ताल पर बैठे थे। पेपर लीक, शिक्षा की लगातार बढ़ती लागत और देश में छात्रों द्वारा किए जा रहे सुसाइड भारत के सुनहरे भविष्य के लिए बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दे हैं।” – राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा

उन्होंने आगे सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी ताकत भारत के विद्यार्थियों को और देश के उन तमाम लोगों को, जो छात्रों से प्यार करते हैं और उनमें विश्वास रखते हैं, इन बुनियादी मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।

अनशन के 21वें दिन बिगड़ी तबीयत

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर अनवरत अनशन पर थे। 18 जुलाई की सुबह, उनके इस कठिन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन, शरीर में पानी की भारी कमी (डीहाइड्रेशन) और लंबे समय तक अन्न न ग्रहण करने के कारण उनका स्वास्थ्य अत्यंत नाजुक स्थिति में पहुंच गया था।

दिल्ली पुलिस ने अपनी इस त्वरित कार्रवाई पर आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि यह कदम किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि मेडिकल एक्सपर्ट्स की आपातकालीन सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के उन पूर्व निर्देशों के तहत उठाया गया है, जिसमें वांगचुक के जीवन की रक्षा करने की बात कही गई थी। डॉक्टरों द्वारा अंगों के विफल होने की चेतावनी के बाद ही उन्हें सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट किया गया।

सफदरजंग अस्पताल छावनी में तब्दील

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के तुरंत बाद प्रशासन ने किसी भी संभावित विरोध प्रदर्शन और हंगामे को रोकने के लिए अस्पताल परिसर तथा उसके आसपास के पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया है।

अस्पताल के मुख्य द्वारों और संवेदनशील पॉइंटों पर दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) की भारी टुकड़ियों को तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने कई रणनीतिक जगहों पर मजबूत बैरिकेडिंग लगा दी है ताकि आम यातायात और संदिग्ध लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके और अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था में कोई व्यवधान न आए।

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