Sonam Wangchuk Hunger Strike: दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद देश में राजनीतिक बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता और पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को आड़े हाथों लिया है। आदित्य ठाकरे के बाद विपक्ष की ओर से मोर्चा संभालते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर सरकार के इस रवैये की तीखी आलोचना की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की यह दमनकारी नीति जनता के बीच उसकी छवि को भारी नुकसान पहुंचाएगी।
केंद्र की दमनकारी नीति और दिल्ली पुलिस की प्रशासनिक कार्रवाई पर विपक्ष का प्रहार
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार की मंशा और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक तरीकों से चल रहे आंदोलनों को पुलिस के बल पर कुचलना चाहती है।
“सोनम वांगचुक का अनशन सम्मानपूर्वक खत्म करवाने के लिए सरकार को किसी केंद्रीय मंत्री को बातचीत के लिए भेजना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय उन्होंने दिल्ली पुलिस को भेज दिया। सरकार का यह प्रशासनिक अहंकार और असंवेदनशील रवैया देश के लोग कभी नहीं भूलेंगे।” – प्रियंका चतुर्वेदी, नेता, शिवसेना (यूबीटी)
उन्होंने वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश को पर्यावरण और शिक्षा में सुधार के लिए उनकी लंबी लड़ाई की जरूरत है।
राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की भूमिका पर तीखी टिप्पणी
इस विवाद के बीच प्रियंका चतुर्वेदी ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की भूमिका पर भी बेहद चौंकाने वाली और बेबाक टिप्पणी की। प्रियंका ने साफ तौर पर कहा कि भले ही इस बयान के लिए उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाए, लेकिन वे सच बोलने से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी (CJP) अपनी खुद की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सोनम वांगचुक जैसी प्रतिष्ठित हस्ती को ‘बलि का बकरा’ बनाने की कोशिश कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
हाई कोर्ट के निर्देश, सफदरजंग अस्पताल और दिल्ली पुलिस का आधिकारिक दावा
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले 28 जून से जंतर-मंतर पर अनवरत भूख हड़ताल पर थे और उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी। इस पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस प्रशासन का दावा है कि उन्होंने यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा वांगचुक की जान बचाने के लिए दिए गए सख्त निर्देशों के पालन के तहत ही उठाया है। हालांकि, अस्पताल में भर्ती होने के बाद से खुद सोनम वांगचुक की तरफ से इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है।
जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके का अनशन और 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान
दूसरी तरफ, जंतर-मंतर पर हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर हिरासत के दौरान गंभीर मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिस पर संपूर्ण विपक्ष ने सरकार को घेरा है। पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में अभिजीत दीपके खुद जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने घोषणा की है कि जंतर-मंतर से यह छात्र आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। दीपके ने स्पष्ट किया कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और आगामी 20 जुलाई को होने वाले पूर्व निर्धारित ‘संसद मार्च’ के साथ आगे बढ़ेंगे। बता दें कि इस संसद मार्च में भारी संख्या में लोगों को शामिल होने के लिए खुद सोनम वांगचुक ने अस्पताल जाने से पहले एक वीडियो जारी कर भावुक अपील की थी।

