Jantar Mantar Protest: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक धरना स्थल जंतर-मंतर पर आज, 18 जुलाई को सियासी और सामाजिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई। नीट (NEET) पेपर लीक मामले में पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे देश के जाने-माने शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इस कार्रवाई के तुरंत बाद विरोध स्वरूप भूख हड़ताल पर बैठे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर एक महिला ने स्याही फेंक दी, जिससे वहां भारी हंगामा खड़ा हो गया। दिल्ली पुलिस ने स्याही फेंकने वाली महिला को हिरासत में ले लिया है, जबकि सीजेपी ने आरोप लगाया है कि हमलावर भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा भेजे गए गुंडे थे।
शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत और दिल्ली पुलिस की अचानक कार्रवाई
जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से अधिक समय से नीट परीक्षा में हुई धांधली और लाखों छात्रों के भविष्य को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा था। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दिग्गज एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को आज सुबह-सुबह दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। पिछले दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वांगचुक के जीवन की रक्षा के लिए ‘हर संभव कदम’ उठाए जाएं।
चिकित्सकों द्वारा उनकी शारीरिक स्थिति को अत्यंत चिंताजनक और आपातकालीन (इमरजेंसी) बताने के बाद, अंगों के विफल (ऑर्गन फेलियर) होने के खतरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यह कदम उठाया। पुलिस ने वांगचुक को मेडिकल कस्टडी में अस्पताल ले जाने के साथ ही वहां मौजूद अन्य आंदोलनकारियों से जंतर-मंतर की जगह तुरंत खाली करने को कहा।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके का अनशन और उन पर हुआ हमला
सोनम वांगचुक को जबरन हटाए जाने के विरोध में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रमुख अभिजीत दीपके ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने वांगचुक के आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का बिगुल फूंक दिया। दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा:
“मैं अभी से देश के छात्रों के न्याय और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर रहा हूँ।” – अभिजीत दीपके, संस्थापक, CJP
हालांकि, अनशन की घोषणा के कुछ ही समय बाद जंतर-मंतर पर मौजूद एक अज्ञात महिला ने दीपके पर अचानक स्याही फेंक दी। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में भारी रोष फैल गया और सीजेपी ने इसे सरकार प्रायोजित हमला करार दिया।
नीट पेपर लीक विवाद और वर्तमान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने बीते 28 जून को जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ नामक एक व्यंग्यात्मक संगठन के मंच से अपनी भूख हड़ताल की शुरुआत की थी। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य भारत के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की उम्मीद लगाए बैठे लाखों परीक्षार्थियों के साथ हुए अन्याय की ओर पूरे देश का ध्यान आकर्षित करना है।
आंदोलनकारी छात्र और एक्टिविस्ट लगातार देश के वर्तमान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। वांगचुक को हटाए जाने और दीपके पर हुए स्याही हमले के बाद अब यह छात्र आंदोलन और अधिक आक्रामक रूप अख्तियार करता दिख रहा है।

