PM Modi Sikkim Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम राज्य की स्थापना के स्वर्ण जयंती अवसर पर आयोजित एक भव्य समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए 4000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। अपने संबोधन में पीएम ने जहाँ एक ओर पूर्वोत्तर के प्रति अपनी सरकार के विजन को स्पष्ट किया, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों की पुरानी कार्यशैली की तीखी आलोचना भी की।
पूर्वोत्तर भारत का कायाकल्प और ‘अष्टलक्ष्मी’ की संकल्पना
प्रधानमंत्री ने सिक्किम सहित पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को भारत की ‘अष्टलक्ष्मी’ की संज्ञा दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार की ‘एक्ट ईस्ट एवं एक्ट फास्ट’ (Act East and Act Fast Policy) नीति अब केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर बदलाव ला रही है। पीएम के अनुसार, सिक्किम न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, बल्कि यह ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के अटूट संकल्प का जीता जागता उदाहरण भी है। उन्होंने राज्य की स्वच्छता और शुद्ध वायु की सराहना करते हुए यहाँ के निवासियों को प्रकृति संरक्षण का सच्चा पथप्रदर्शक बताया।
कांग्रेस शासन में विकास की बाधाएं और बुनियादी ढांचे में देरी
सिक्किम की प्रगति का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य के विकास में निरंतर अड़चनें पैदा कीं। पीएम ने सिवोक-रंगपो रेलवे लाइन (Sivok-Rangpo Rail Project) का उदाहरण देते हुए बताया कि इसे 2008-09 में ही मंजूरी मिल गई थी, लेकिन दशकों तक इस पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। भाजपा सरकार के आने के बाद ही इस परियोजना में तेजी आई और अब सिक्किम पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ने की दहलीज पर खड़ा है।
सिक्किम में कनेक्टिविटी विस्तार और पर्यटन को प्रोत्साहन
राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बागडोगरा से जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे और गंगटोक में बहुप्रतीक्षित रिंग रोड के निर्माण की घोषणा की। मोदी ने पर्यटकों से आह्वान किया कि वे पूर्वी भारत के इस स्वर्ग का अनुभव लें और यहाँ के प्रसिद्ध ‘ऑर्किडेरियम’ का दौरा जरूर करें। सरकार का लक्ष्य है कि बेहतर सड़कों और सुविधाओं के माध्यम से सिक्किम को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
4000 करोड़ की परियोजनाएं
सिक्किम के 50वें स्थापना वर्ष के समापन समारोह में पीएम ने स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बिजली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी विकास योजनाओं की नींव रखी। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य का सतत और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। अधिकारियों के मुताबिक, हिमालयी राज्य के लिए यह एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो शिक्षा से लेकर शहरी विकास तक हर क्षेत्र में आधुनिकता का संचार करेगा। पीएम मोदी का यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार सीमावर्ती राज्यों के सशक्तीकरण को प्राथमिकता दे रही है।

