UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर इतिहास और महापुरुषों की विरासत को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश दौरे से ठीक पहले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उन पर बेहद तीखा हमला बोला है। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली द्वारा महाराजा सुहेलदेव को लेकर दिए गए एक विवादित बयान को आधार बनाकर राजभर ने ओवैसी को उनके सिपहसालार की ‘हैसियत’ याद दिलाई है और इतिहास का सम्मान करने की सख्त हिदायत दी है।
राजभर की ओवैसी को खरी-खरी
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के बयान का वीडियो साझा करते हुए सीधे असदुद्दीन ओवैसी को निशाने पर लिया। उन्होंने ओवैसी के उत्तर प्रदेश आगमन पर तंज कसते हुए उन्हें अपने नेताओं को अनुशासन सिखाने की नसीहत दी।
ओम प्रकाश राजभर ने लिखा: “असदुद्दीन ओवैसी साहब, अब जब आप उत्तर प्रदेश आ ही रहे हैं तो अपनी हैदराबादी बैरिस्टरी का थोड़ा-बहुत ज्ञान अपने सिपहसालार को भी अवश्य दे दीजिएगा। अपने साथी को संकेत दे दीजिए कि उत्तर प्रदेश की धरती अपने नायकों, अपने इतिहास और अपने स्वाभिमान का सम्मान करना अच्छी तरह जानती है।”
बहराइच की ऐतिहासिक विरासत पर तीखी बहस
ओवैसी के प्रस्तावित बहराइच दौरे और वहाँ सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर जाने की योजना को लेकर राजभर ने उन्हें राष्ट्रवाद और इतिहास का पाठ पढ़ाया। उन्होंने साफ कहा कि बहराइच की धरती विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ भारतीय अस्मिता की रक्षा की गवाह रही है।
राजभर ने ओवैसी को याद दिलाते हुए कहा कि मजार पर श्रद्धा व्यक्त करने से पहले उन्हें यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि यही वह पावन भूमि है जहाँ चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव राजभर जी ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध भीषण संघर्ष किया था और देश के गौरव की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि जब बहराइच के वीरों ने शस्त्र उठाए थे, तब बड़े से बड़े आक्रमणकारियों का अहंकार मिट्टी में मिल गया था।
भाषा की मर्यादा और राजनीतिक हैसियत की चेतावनी
सुभासपा प्रमुख ने शौकत अली के बयान को उनकी अज्ञानता और अहंकार का प्रतीक बताया। राजभर ने ओवैसी से कहा कि वे अपने प्रदेश अध्यक्ष को मर्यादा में रहने की चेतावनी दें, क्योंकि ऐसी अमर्यादित भाषा उत्तर प्रदेश में स्वीकार्य नहीं की जाएगी।
राजभर ने सख्त लहजे में कहा, “अपने सिपहसालार को समझा दीजिएगा कि वह अपनी हैसियत और व्यक्तित्व के अनुरूप ही भाषा का प्रयोग करें। अनावश्यक उग्रता और अहंकार का प्रदर्शन इतिहास के पन्नों में कभी सम्मान नहीं दिलाता।” उन्होंने साफ किया कि महापुरुषों का अपमान करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
शौकत अली का विवादित बयान जिसने पैदा किया तनाव
इस पूरे राजनीतिक घमासान की जड़ AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का वह विवादित बयान है, जिसमें उन्होंने महाराजा सुहेलदेव के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिए थे। शौकत अली ने जनभावनाओं को आहत करने वाला दावा करते हुए राजा सुहेलदेव को पूरी तरह काल्पनिक बता दिया था।
शौकत अली ने अपने बयान में कहा था: “मैं तो राजा सुहेलदेव को राजा मानता ही नहीं हूं। अगर वह वास्तव में कोई राजा होते तो शायद उनका बहराइच में कोई किला तो होता। इतिहास में जितने भी राजा हुए, उन्होंने अपने और अपनी रानियों के रहने के लिए मजबूत किले बनवाए। क्या बहराइच में ऐसा कुछ है? यहाँ कुछ भी नहीं है, यह सब सिर्फ काल्पनिक है।”
शौकत अली के इसी दावे के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है और राजभर ने इसे राजभर समाज और भारतीय नायकों का घोर अपमान करार दिया है।

