PM Modi Speech: संसद में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक गिरने के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र के नाम दिए गए भावुक संबोधन पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आरजेडी (RJD) सांसद मनोज कुमार झा ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि वे सरकारी संसाधनों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और आगामी चुनावों के लिए ‘प्रचार उपकरण’ के तौर पर कर रहे हैं।
सरकारी तंत्र का राजनीतिकरण और चुनावी प्रोपेगेंडा
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री के संबोधन के समय और तरीके पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में चुनाव होने वाले हैं और ऐसे समय में प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के खिलाफ सरकारी खर्च पर राष्ट्र को संबोधित करना पूरी तरह से अनुचित है। झा ने तंज कसते हुए कहा कि तिरंगे की गरिमा का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर भी चोट करते हुए कहा कि शिकायत किससे करें, क्योंकि जिन संस्थाओं को निष्पक्ष होना चाहिए था, वे आज सत्ताधारी दल के कार्यालयों के निर्देशों पर काम कर रही हैं।
प्रधानमंत्री की राष्ट्र से क्षमा और नारी शक्ति का अपमान
इससे पहले, शनिवार (18 अप्रैल) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए भावुक स्वर में देश की महिलाओं से माफी मांगी थी। पीएम ने कहा कि सरकार के भरसक प्रयासों के बावजूद ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में आवश्यक संशोधन नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने भारतीय नारी शक्ति की उड़ान को रोकने का काम किया है और उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया है। प्रधानमंत्री ने इसे लोकतंत्र के इतिहास में एक काला दिन बताते हुए कहा कि वह संशोधन विधेयक न जीत पाने के लिए व्यक्तिगत रूप से क्षमाप्रार्थी हैं।
परिवारवादी राजनीति बनाम राष्ट्रहित का संघर्ष
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने इन दलों को ‘परिवारवादी’ करार देते हुए कहा कि इनके लिए दलगत स्वार्थ (Partisan Interests) राष्ट्रहित से ऊपर है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि जब संसद में नारी हित का प्रस्ताव गिरा, तब इन दलों के सदस्य खुशी से तालियां बजा रहे थे। उन्होंने इसे देश की करोड़ों महिलाओं का अपमान बताया और कहा कि स्वार्थी राजनीति का खामियाजा आज देश की ‘आधी आबादी’ को भुगतना पड़ रहा है।
विरोध करने वाले दलों को जनता देगी सजा
प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे 21वीं सदी की जागरूक महिलाओं को हल्के में लेने की भूल न करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की हर नारी संसद की घटनाओं पर पैनी नजर रख रही है और वह विपक्ष की मंशा को भली-भांति भांप चुकी है। पीएम मोदी ने कड़े शब्दों में कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करके विपक्ष ने जो ‘पाप’ किया है, उसकी सजा उन्हें आगामी चुनावों में देश की नारी शक्ति जरूर देगी। इस बयान ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक ध्रुवीकरण (Political Polarization) को और तेज कर दिया है।

