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पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी, पीएम मोदी ने शहीदों को किया नमन

Pahalgam Attack Anniversary: पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी, पीएम मोदी ने शहीदों को किया नमन, कहा— ‘आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा भारत’

Pahalgam Attack Anniversary: पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले की प्रथम बरसी पर देश आज गमगीन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक अत्यंत संवेदनशील संदेश साझा करते हुए हमले में जान गंवाने वाले मासूमों को याद किया। पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान लेने वाले इन आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी सफल नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राष्ट्र के अटूट संकल्प को दोहराया कि भारत अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।

लिद्दर नदी के किनारे अमर हुआ बलिदान

पहलगाम की वादियों में आज सन्नाटा है, लेकिन वहां बना मृतकों का स्मारक उनकी वीरता और मासूमियत की गवाही दे रहा है। लिद्दर नदी के तट पर काले संगमरमर से निर्मित इस स्मारक पर उन सभी 26 मृतकों के नाम सुनहरे अक्षरों में अंकित किए गए हैं, जिन्होंने पिछले साल अपनी जान गंवाई थी। इस शहीदी स्मारक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है। यह स्थान अब केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारतीय प्रतिरोध का एक बड़ा प्रतीक बन चुका है।

लश्कर के वहशियों का खूनी खेल

बीते वर्ष 22 अप्रैल का वह दिन इतिहास के काले पन्नों में दर्ज है, जब लश्कर-ए-तैयबा के प्रशिक्षित आतंकियों ने बैसरन घाटी में प्रकृति का आनंद ले रहे पर्यटकों पर गोलियों की बौछार कर दी थी। उस खौफनाक मंजर की यादें आज भी लोगों को दहला देती हैं, क्योंकि दरिंदों ने लोगों का धर्म और नाम पूछकर उन्हें निशाना बनाया था। महिलाओं और छोटे बच्चों की चीखों के बीच 26 निर्दोषों को लहूलुहान कर दिया गया। इस अमानवीय कृत्य के बाद पूरे भारत में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के विरुद्ध गुस्से की लहर दौड़ गई थी।

ऑपरेशन सिंदूर का पराक्रम

इस जघन्य हत्याकांड का प्रतिशोध लेने के लिए भारत सरकार और सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का आगाज किया था। भारतीय रणबांकुरों ने सीमा पार सक्रिय आतंकवाद के अड्डों पर सर्जिकल प्रहार करते हुए नौ बड़े ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस आक्रामक सैन्य कार्यवाही में 100 से अधिक खूंखार आतंकी मारे गए थे। यह ऑपरेशन आतंकवाद की कमर तोड़ने के लिए चलाया गया एक व्यापक अभियान था, जिसने पाकिस्तान की धरती पर पल रहे दहशतगर्दों को स्पष्ट संदेश दिया कि नया भारत चुप नहीं बैठता।

ऑपरेशन महादेव से मिला न्याय

भारतीय जांबाजों को सबसे बड़ी सफलता 28 जुलाई 2025 को मिली, जब ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत उन विशिष्ट आतंकियों को घेरा गया जो पहलगाम नरसंहार में सीधे तौर पर शामिल थे। सुरक्षाबलों ने बहादुरी का परिचय देते हुए इन हत्यारे आतंकियों को ढेर कर दिया। आज बरसी के मौके पर देश जहां एक ओर अपनों को खोने के गम में डूबा है, वहीं दूसरी ओर भारतीय सेना के शौर्य पर गर्व भी कर रहा है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि घाटी में शांति बहाली और आतंकवाद का समूल नाश ही इन मृतकों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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