Prashant Kishor in Bankipur By Poll: बिहार की राजनीति में चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मैदान में उतरकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी की घोषणा के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी द्वारा जारी किए गए C-7 फॉर्म के मुताबिक, प्रशांत किशोर पर कई मामले दर्ज हैं, जिसने अब एक नई कानूनी और राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।
जन सुराज पार्टी का C-7 फॉर्म
जन सुराज पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक C-7 फॉर्म के अनुसार, प्रशांत किशोर के खिलाफ कुल 8 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों में उनके ऊपर कुल 31 अलग-अलग कानूनी धाराएं लगाई गई हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि वे अब तक किसी भी मामले में अदालत द्वारा दोषी साबित नहीं हुए हैं। सभी मामलों में अभी तक केवल आरोप ही लगाए गए हैं, और कोर्ट में जुर्म तय न होने के कारण वे पूरी तरह कानून सम्मत्त ढंग से चुनाव लड़ने के योग्य हैं।
कानूनी पेंच और जेल की आशंका
राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि यदि प्रशांत किशोर इन मामलों में दोषी पाए जाते हैं, तो उनके चुनावी भविष्य पर क्या असर पड़ेगा। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर उन पर लगे आरोप साबित हो जाते हैं, तो उन्हें अधिकतम 7 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। लेकिन वर्तमान में केवल आरोप तय न होने और दोष सिद्ध न होने के कारण उनके चुनाव लड़ने पर कोई कानूनी रोक नहीं है, जिससे वे पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में डटे हैं।
मुकदमों का क्षेत्रीय विवरण
प्रशांत किशोर के खिलाफ बिहार के कई थानों में केस दर्ज किए गए हैं। इनमें बेतिया, पटना के गांधी मैदान, मुजफ्फरपुर, पीरबहोर, सहरसा और सचिवालय थाना क्षेत्र शामिल हैं। इन 8 मामलों में से 1 मामला साल 2024 में दर्ज हुआ था, जबकि बाकी के सभी 7 मामले साल 2025 में दर्ज किए गए हैं। खुद पर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया है कि ये सभी मामले जनहित के मुद्दों और राजनीतिक प्रदर्शनों से जुड़े हैं, और इनमें कोई भी मामला किसी नैतिक अपराध या भ्रष्टाचार श्रेणी का नहीं है।
जन सुराज की उम्मीदवारी का आधार
बांकीपुर सीट से खुद उम्मीदवार बनने के फैसले पर प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी ने उनके संगठनात्मक अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए यह फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि बिहार में की गई लंबी पदयात्रा के दौरान उन्हें जनता का जो भारी समर्थन मिला, उसी ने उन्हें चुनावी मैदान में उतरने की ताकत दी है। जन सुराज पार्टी इस उपचुनाव को बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देख रही है।
नितिन नवीन पर तीखा राजनीतिक हमला
चुनावी प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर सीधा निशाना साधा। सोमवार को उन्होंने आरोप लगाया कि नितिन नवीन को जैसे ही संसद पहुंचने का पहला अवसर मिला, उन्होंने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता को अधर में “छोड़ दिया”। नितिन नवीन के सांसद बनने और इस सीट से इस्तीफा देने के बाद ही यहाँ उपचुनाव की नौबत आई है, जिसे जन सुराज पार्टी अब भुनाने की कोशिश में है।

