Maharashtra Metro Project: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को महाराष्ट्र के पुणे शहर को करीब 21,800 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 23 किलोमीटर लंबी पुणे मेट्रो लाइन-3 यानी पिंक लाइन का उद्घाटन किया। इस परियोजना के शुरू होने से पुणे के सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण (फेज-2) की आधारशिला भी रखी। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन पहले से अधिक सुविधाजनक हो सकेगा।
8,300 करोड़ से तैयार हुई पुणे की 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन
पुणे मेट्रो की पिंक लाइन को 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है। यह करीब 23 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर हिंजेवाड़ी और शिवाजीनगर जैसे प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ेगा। हिंजेवाड़ी पुणे का बड़ा आईटी हब माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां और दूसरी व्यावसायिक संस्थाएं मौजूद हैं। ऐसे में इस मेट्रो लाइन के शुरू होने से आईटी सेक्टर में काम करने वाले कर्मचारियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोगों का समय बचेगा और सड़क पर वाहनों का दबाव भी कम हो सकता है।
पुणे मेट्रो फेज-2 पर खर्च होंगे 13,500 करोड़ रुपये
पिंक लाइन के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखी। इस परियोजना पर करीब 13,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का उद्देश्य पुणे में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करके शहर के अधिक से अधिक इलाकों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ना है। पिंक लाइन और फेज-2 को मिलाकर इन परियोजनाओं में लगभग 21,800 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इससे न केवल यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि शहर के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलने की संभावना है।
248 किलोमीटर से बढ़कर 1,200 किलोमीटर हुआ देश का मेट्रो नेटवर्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देश में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत में पहली मेट्रो सेवा वर्ष 1984 में शुरू हुई थी। इसके बाद करीब 30 वर्षों तक मेट्रो नेटवर्क का विस्तार काफी धीमी गति से हुआ। वर्ष 2014 तक देश में केवल 248 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क तैयार हो पाया था और सिर्फ पांच शहरों में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध थीं।
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में केंद्र में एनडीए सरकार बनने के बाद शहरी परिवहन को प्राथमिकता दी गई। सरकार ने मध्यम वर्ग के लोगों के लिए सफर आसान बनाने और शहरों में बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर ध्यान दिया। इसी का परिणाम है कि आज देश का परिचालन मेट्रो नेटवर्क बढ़कर करीब 1,200 किलोमीटर तक पहुंच गया है। अब देश के 26 शहरों में मेट्रो सेवाएं संचालित हो रही हैं। यह विस्तार शहरी परिवहन व्यवस्था में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है।
मेट्रो कनेक्टिविटी से पुणे के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पुणे आज आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़े अवसरों वाला शहर बन चुका है। यहां देशभर से लोग रोजगार और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था शहर की जरूरत बन गई है।
उन्होंने कहा कि किसी शहर की पहचान अब सिर्फ वहां के उद्योगों और खानपान से नहीं होती। यह भी देखा जाता है कि वहां कारोबार करना कितना आसान है और लोगों को रहने के लिए कितनी बेहतर सुविधाएं मिलती हैं। मेट्रो जैसी आधुनिक परिवहन परियोजनाएं इन दोनों जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाती हैं। इससे शहर की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है और लोगों का जीवन भी सुविधाजनक बनता है।
पुणे मेट्रो खुद पैदा करेगी 30 फीसदी बिजली
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे मेट्रो की एक खास उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पुणे मेट्रो अपनी जरूरत की करीब 30 फीसदी बिजली खुद पैदा करेगी। इससे बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और मेट्रो को पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे मेट्रो कई नए रिकॉर्ड भी बना रही है। उन्होंने इस परियोजना को शहर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। कुल मिलाकर, 21,800 करोड़ रुपये की इन मेट्रो परियोजनाओं से पुणे की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने, ट्रैफिक की समस्या कम करने और शहर के विकास को नई दिशा देने की उम्मीद है।

