Punajb Politics: आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए 2026 की शुरुआत किसी बड़े राजनीतिक दुस्वप्न से कम नहीं रही है। पार्टी के सात प्रमुख सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के बाद पंजाब से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मच गया है। जहाँ एक ओर पार्टी नेतृत्व इन बागियों को ‘गद्दार’ करार दे रहा है, वहीं राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने चौंकाने वाले खुलासे कर हलचल और बढ़ा दी है।
सात सांसदों का पाला बदलना
आम आदमी पार्टी के भीतर मची अंदरूनी कलह अब सड़कों पर आ गई है। राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे ‘रणनीतिकारों’ सहित सात सांसदों के भाजपा में शामिल होने की खबर ने पार्टी की जड़ों को हिला दिया है। AAP के शीर्ष नेतृत्व ने इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है। पार्टी प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जिन नेताओं को जनता ने विश्वास के साथ चुना था, उन्होंने निजी स्वार्थ के लिए पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा है। इस टूट को पंजाब की राजनीति के इतिहास में सबसे बड़े पलायन के रूप में देखा जा रहा है।
विक्रम साहनी का कॉल और पाला बदलने का ऑफर
इस सियासी घमासान के बीच प्रख्यात पर्यावरणविद् और सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें भी पाला बदलने के लिए प्रलोभन दिया गया था। सीचेवाल के अनुसार, राज्यसभा सांसद विक्रम साहनी ने उन्हें फोन कर नए समूह में शामिल होने का न्योता दिया था। साहनी ने दावा किया था कि बहुमत सांसद पहले ही दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। सीचेवाल ने स्पष्ट किया कि उन्हें राघव चड्ढा और अन्य बागी गुटों ने ‘चाय पर चर्चा’ के बहाने बुलाया था, लेकिन उन्होंने पार्टी के प्रति वफादारी दिखाते हुए इस डील को सिरे से खारिज कर दिया।
राघव चड्ढा का ‘सुपर CM’ वाला रसूख
सीचेवाल ने बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि पंजाब सरकार और प्रशासन पर राघव चड्ढा और संदीप पाठक की पकड़ बेहद असाधारण थी। उन्होंने उन चर्चाओं की पुष्टि की जिसमें चड्ढा को पंजाब का ‘सुपर सीएम’ कहा जाता था। सीचेवाल के अनुसार, एक दौर ऐसा था जब राज्य के बड़े प्रशासनिक अधिकारी भी मुख्यमंत्री कार्यालय के बजाय इन दिल्ली के नेताओं के निर्देशों का इंतजार करते थे। हालांकि, उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऋणी हैं, क्योंकि राज्यसभा का पद उन्हें मान साहब के भरोसे के कारण मिला था, न कि किसी दिल्ली दरबार की पैरवी से।
बागी नेताओं पर पलटवार और सीचेवाल का संतुलित रुख
जहाँ आम आदमी पार्टी का आधिकारिक रुख बहुत आक्रामक है और बागियों के लिए ‘गद्दार’ जैसे कठोर शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है, वहीं संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने संयम की मिसाल पेश की। उन्होंने गुरबाणी की शिक्षाओं का हवाला देते हुए कहा कि कड़वे बोल इंसान के अपने व्यक्तित्व को कठोर बना देते हैं। उन्होंने किसी भी नेता पर निजी हमला करने के बजाय यह स्पष्ट किया कि राजनीति में पद का लालच इंसान को कहीं भी ले जा सकता है, लेकिन वह जनसेवा के अपने पथ से विचलित नहीं होंगे।
ऑपरेशन लोटस का सच
कथित ‘ऑपरेशन लोटस’ के दावों पर सीचेवाल ने एक बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए रणनीतियाँ बनाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से भाजपा की ओर से किसी प्रत्यक्ष दबाव का सामना नहीं करना पड़ा। सीचेवाल ने दोहराया कि उनका एकमात्र लक्ष्य पंजाब के पानी, पर्यावरण और जनहित के मुद्दों को राज्यसभा में उठाना है। उनके इस बयान ने संकेत दे दिए हैं कि पंजाब की राजनीति में आने वाले दिन काफी उथल-पुथल भरे होने वाले हैं।

