Rahul Gandhi: राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे बड़े अभियान अब केवल कागजी नारे बनकर रह गए हैं। जयपुर में स्थानीय बस और ट्रक बॉडी बिल्डर्स की फैक्ट्री का दौरा करने के बाद, उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो जारी कर एमएसएमई (MSME) सेक्टर की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन फैक्ट्रियों में अपने हुनर से देश का भविष्य संवारने वाले कारीगर भारत की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था की असली रीढ़ हैं, लेकिन सरकार की नीतियां उन्हें नुकसान पहुँचा रही हैं।
परिवहन मंत्रालय के कड़े नियम और लघु उद्योगों (MSMEs) पर बढ़ता संकट
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने परिवहन मंत्रालय द्वारा बनाए गए नए नियमों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली से तय किए जा रहे ये नियम देशभर के छोटे बस और ट्रक बॉडी निर्माताओं के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि बसों में लगने वाली तकनीकी आग का दोष जबरन इन बॉडी बिल्डर्स पर मढ़ा जा रहा है, जबकि उनका काम सिर्फ वाहनों का ढांचा तैयार करना है। उन्होंने कहा कि जिन छोटे उद्योगों को इस समय सरकारी प्रोत्साहन और संबल की सबसे ज्यादा जरूरत है, वे अनुचित नियमों के बोझ तले दबते जा रहे हैं।
पारंपरिक हुनर का नुकसान और बढ़ती बेरोजगारी की चिंता
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार की एमएसएमई विरोधी नीतियां जारी रहीं और ये फैक्ट्रियां बंद हुईं, तो इसका असर बेहद गंभीर होगा। इससे न केवल व्यापार ठप होगा, बल्कि भारत का सदियों पुराना पारंपरिक हुनर भी नष्ट हो जाएगा। राहुल गांधी के अनुसार, रोजगार के अवसर कम होने से सीधे तौर पर आम जनता पर महंगाई की मार पड़ेगी और इसकी सबसे बड़ी कीमत देश के मेहनतकश और हुनरमंद मजदूरों को चुकानी पड़ेगी।
छोटे व्यापारियों की समस्याएं और उनके अधिकारों की रक्षा का संकल्प
फेसबुक पर साझा की गई अपनी एक पोस्ट में राहुल गांधी ने राजस्थान के कारीगरों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ये वो भारत है जो अपने हाथों से रोजगार भी पैदा करता है और देश की रफ्तार को भी बनाए रखता है। उन्होंने अफसोस जताया कि इस विश्वस्तरीय कारीगरी को सम्मान देने के बजाय नियमों के जाल में उलझाकर काम बंद करने पर मजबूर किया जा रहा है। राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा, “जब छोटे उद्योग हारते हैं, तो सिर्फ फैक्ट्री बंद नहीं होती, बल्कि भारत का हुनर हारता है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी इन कारीगरों के अधिकारों और उनके रोजगार को किसी भी कीमत पर छिनने नहीं देगी।

