चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति के लिए 9 मई 2026 की सुबह एक बड़ा झटका लेकर आई है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के तहत, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, विभाग की ओर से अभी औपचारिक बयान आना बाकी है, लेकिन सूत्रों ने पुष्टि की है कि भारी छापेमारी के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
सुबह सवा सात बजे सरकारी आवास पर दी दबिश
शनिवार की सुबह जब शहर जाग ही रहा था, तभी करीब 7:25 बजे ईडी की एक विशाल टीम चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मंत्री के सरकारी आवास पर जा पहुंची। इस अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जांच दल 20 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचा था। अधिकारियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 3 दर्जन से अधिक सीआईए (CIA) और स्पेशल फोर्स (SF) के जवानों को तैनात किया गया था।
दिल्ली से गुरुग्राम तक एक साथ छापेमारी
यह कार्रवाई केवल चंडीगढ़ तक ही सीमित नहीं रही। ईडी की विभिन्न इकाइयों ने एक सुनियोजित तरीके से चंडीगढ़, गुरुग्राम और दिल्ली में एक साथ रेड की। जांच का मुख्य केंद्र ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ के दफ्तर और संजीव अरोड़ा से जुड़े अन्य ठिकाने रहे। अधिकारियों ने डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय दस्तावेज और बैंक खातों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जब्त की हैं।
100 करोड़ का फर्जी बिल घोटाला और दुबई कनेक्शन
संजीव अरोड़ा पर लगे आरोपों की फेहरिस्त काफी लंबी और गंभीर है। मुख्य रूप से उन पर 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी जीएसटी (GST) बिल तैयार करने का आरोप है। मोबाइल फोन व्यवसाय की आड़ में जाली बिल बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का अवैध लाभ उठाने की बात सामने आई है। इसके अलावा, मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत दुबई से ‘राउंड ट्रिपिंग’ के जरिए काला धन भारत लाने और ड्यूटी ड्रॉबैक का गलत फायदा उठाने का मामला भी दर्ज किया गया है।
औद्योगिक भूमि का दुरुपयोग और सट्टेबाजी का पैसा
जांच एजेंसी ने पाया है कि मंत्री ने कथित तौर पर औद्योगिक उपयोग की जमीन को आवासीय परियोजनाओं में बदलकर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया है। साथ ही, उन पर अवैध सट्टेबाजी (Illegal Betting) से कमाए गए धन को रियल एस्टेट सेक्टर में खपाने का भी संदेह है। इन्हीं वित्तीय अनियमितताओं के कारण ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की सख्त धाराओं के तहत यह एक्शन लिया है।
एक साल में तीसरी और एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई
संजीव अरोड़ा के लिए जांच एजेंसियों का घेरा कोई नया नहीं है। अप्रैल 2026 में ही फेमा (FEMA) के तहत उन पर गुरुग्राम, लुधियाना और जालंधर समेत 13 ठानों पर छापेमारी हुई थी। इससे पहले 2024 में भी जमीन घोटाले को लेकर उन पर शिकंजा कसा गया था। मात्र एक महीने के भीतर दूसरी बार हुई इस रेड ने राज्य सरकार की साख पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू होना तय माना जा रहा है। अब सबकी नजरें कोर्ट की कार्यवाही और ईडी के आधिकारिक प्रेस नोट पर टिकी हैं।

