UP Air Pollution: उत्तर प्रदेश में ठंड की शुरुआत से पहले ही वायु प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा और मेरठ समेत कई शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब हो गई है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। सुबह के समय धुंध और स्मॉग के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी भी कम हो रही है। वहीं, प्रदूषित हवा में सांस लेना लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। दूसरी तरफ लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी के कुछ इलाकों में हवा की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।
नोएडा की हवा सबसे ज्यादा खराब, कई इलाकों में AQI 300 पार
नोएडा में वायु प्रदूषण का असर साफ दिखाई देने लगा है। शहर के कई इलाकों में पीएम 2.5 का स्तर काफी बढ़ गया है। सुबह के आंकड़ों के मुताबिक सेक्टर-39 में पीएम 2.5 का स्तर 335 दर्ज किया गया। वहीं सेक्टर-150 में 317 और सेक्टर-62 में यह आंकड़ा 368 तक पहुंच गया।
इसके अलावा सेक्टर-125 में 267, सेक्टर-116 में 277 और सेक्टर-1 में 283 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा की बात करें तो नॉलेज पार्क-III में पीएम 2.5 का स्तर 205 और शिव नादर यूनिवर्सिटी के पास 259 रहा। इन आंकड़ों से साफ है कि नोएडा और आसपास के इलाकों में प्रदूषण लगातार चिंता बढ़ा रहा है।
गाजियाबाद और लोनी में भी प्रदूषण का कहर, AQI 372 तक पहुंचा
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता खराब होती जा रही है। यहां वेव सिटी के पास AQI 308 और संजय नगर में 311 दर्ज किया गया। इंदिरापुरम में यह 260 और वसुंधरा में 262 रहा। हालांकि गोविंदपुरम में AQI 127 दर्ज किया गया।
लोनी में प्रदूषण की स्थिति और ज्यादा खराब है। यहां AQI 360 तक पहुंच गया, जबकि नई तहसील लोनी में यह 372 दर्ज किया गया। ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सुबह और शाम के समय खास सावधानी बरतने की जरूरत है।
मेरठ की हवा भी हुई जहरीली, दो इलाकों में AQI 325 के पार
मेरठ में भी वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। शहर के जय भीम नगर में AQI 325 और पल्लवपुरम फेस-2 में 329 दर्ज किया गया। वहीं गंगा नगर के पास AQI 252 रहा। एमआईईटी कॉलेज के आसपास हवा की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही और यहां AQI 91 दर्ज किया गया।
इसके अलावा खोड़ा के प्रशांत गार्डन इलाके में भी AQI 303 तक पहुंच गया। मोदीनगर में एसआरएम यूनिवर्सिटी के पास यह 257 रहा। मुजफ्फरनगर के न्यू मंडी इलाके में AQI 264 और बुढ़ाना मोड़ पर 226 दर्ज किया गया।
आगरा में भी बढ़ा वायु प्रदूषण, कई इलाकों में AQI 200 के पार
आगरा में भी प्रदूषण का असर देखने को मिल रहा है। शास्त्रीपुर में AQI 202 और रोहता में 216 दर्ज किया गया। वहीं शाहजहां गार्डन में 118, सेक्टर-3बी आवास विकास कॉलोनी में 137 और मनोहरपुर में 122 रहा। संजय पैलेस के पास AQI 173 दर्ज किया गया।
लखनऊ की हवा अपेक्षाकृत साफ, कुछ इलाकों में AQI 50 से नीचे
जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहर प्रदूषण से परेशान हैं, वहीं राजधानी लखनऊ के कुछ इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहतर बनी हुई है। बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी के पास AQI 38 और कुकरैल पिकनिक स्पॉट-1 के पास 37 दर्ज किया गया।
तालकटोरा डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्री सेंटर में AQI 52, लालबाग में 77 और केंद्रीय विद्यालय के पास 41 रहा। हालांकि गोमती नगर में AQI 140 दर्ज किया गया, जो दूसरे इलाकों के मुकाबले अधिक है।
प्रयागराज और वाराणसी में राहत, AQI 100 से नीचे
प्रयागराज और वाराणसी में फिलहाल हवा की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर दिखाई दे रही है। प्रयागराज में मोतीलाल नेहरू एनआईटी के पास AQI 38, नगर निगम क्षेत्र में 88 और झूंसी में 50 दर्ज किया गया।
वहीं वाराणसी के मलदहिया इलाके में AQI 77 और भेलूपुर में 81 रहा। इन शहरों के ज्यादातर निगरानी केंद्रों पर हवा की गुणवत्ता पश्चिमी यूपी के प्रदूषित इलाकों के मुकाबले बेहतर दर्ज की गई।
बरेली और झांसी में भी प्रदूषण का असर, दिल्ली में GRAP-1 लागू
बरेली के राजेंद्र नगर में AQI 184 और सिविल लाइंस में 57 दर्ज किया गया। वहीं झांसी के शिवाजी नगर में AQI 92 रहा। इससे पता चलता है कि प्रदेश के सभी शहरों में प्रदूषण का स्तर एक जैसा नहीं है।
दूसरी तरफ दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए GRAP-1 लागू कर दिया गया है। नोएडा, गाजियाबाद, लोनी और मेरठ के कई इलाकों में AQI 300 के पार पहुंचना चिंता का विषय है। विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रदूषण बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह के समय प्रदूषण अधिक होने पर खुले में व्यायाम करने से बचना और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है।

