Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन लगाया। इस दौरान उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। कुछ लोगों ने शिकायत की कि IGRS पोर्टल पर उनकी समस्याओं के निस्तारण को लेकर गलत रिपोर्ट लगा दी गई है। यह सुनकर मुख्यमंत्री नाराज हो गए। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि हर शिकायत का समाधान समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए।
जनता दर्शन में गलत IGRS रिपोर्ट पर नाराज हुए CM योगी
गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। यहां महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में उन्होंने लोगों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
इस दौरान कुछ फरियादियों ने IGRS यानी समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली पोर्टल पर गलत रिपोर्ट दर्ज किए जाने की शिकायत की। लोगों का कहना था कि उनकी समस्या का सही समाधान किए बिना ही निस्तारण की रिपोर्ट लगा दी गई।
यह मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि IGRS पोर्टल पर गलत रिपोर्ट लगाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए।
गोरखनाथ मंदिर में करीब 200 लोगों की सुनीं समस्याएं
सोमवार को आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। इस दौरान लोग जमीन विवाद, पुलिस कार्रवाई, आर्थिक परेशानी और दूसरी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर उनकी बातें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी को भी परेशान होने या घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर मामले को गंभीरता से लिया जाए और शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक तरीके से किया जाए।
जमीन पर कब्जे की शिकायत पर CM योगी ने दिए सख्त निर्देश
जनता दर्शन में कुछ लोगों ने जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने की शिकायत भी की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबंधित मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की जमीन पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि अगर किसी पीड़ित को लंबे समय से एक ही समस्या के लिए परेशान होना पड़ रहा है तो इसकी वजह की जांच की जाए। मामले में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए।
इलाज के लिए आर्थिक मदद का दिया भरोसा
जनता दर्शन में कुछ लोग गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पैसे की कमी की वजह से किसी का इलाज नहीं रुकेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित अस्पतालों से इलाज का एस्टीमेट जल्द तैयार कराया जाए और जरूरी प्रक्रिया पूरी करके शासन को भेजा जाए। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
दिव्यांग युवती ने भाई के रोजगार के लिए लगाई गुहार
जनता दर्शन में एक दिव्यांग युवती भी अपने परिवार की आर्थिक परेशानी लेकर पहुंची थी। उसने मुख्यमंत्री को बताया कि परिवार की स्थिति ठीक नहीं है और उसका भाई इंटर पास है। युवती ने भाई के लिए रोजगार की व्यवस्था कराने में मदद मांगी।
इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को युवती के प्रार्थना पत्र पर उचित सहयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दोहराया कि जनता दर्शन में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

