UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर शुक्रवार को मतदान जारी है। दोपहर 2 बजे तक 40.87 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा मतदान हुआ, जबकि इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर सबसे कम वोट पड़े। इन चुनावों को बीजेपी और समाजवादी पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है।
यूपी MLC चुनाव 2026: सुबह 8 बजे से शुरू हुई वोटिंग
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान हो रहा है। वोटिंग सुबह 8 बजे शुरू हुई और शाम 4 बजे तक चलेगी। इन 11 सीटों में 5 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। दोपहर 2 बजे तक प्रदेश में कुल 40.87 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
इन चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। दोनों पार्टियों के लिए यह चुनाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में MLC चुनाव के नतीजों से राजनीतिक माहौल और दोनों दलों की स्थिति को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है।
यूपी MLC चुनाव में कहां सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, दोपहर 2 बजे तक बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज्यादा 59.17 फीसदी मतदान हुआ। इसके बाद वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 57.97 प्रतिशत और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 56.32 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई।
वहीं, इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम 26.30 फीसदी मतदान हुआ। लखनऊ खंड स्नातक में 27.53 फीसदी और मेरठ खंड स्नातक में 30.38 फीसदी वोट पड़े। इन आंकड़ों से साफ है कि अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान की रफ्तार में काफी अंतर देखने को मिला।
यूपी विधान परिषद चुनाव: सभी 11 सीटों पर मतदान का हाल
दोपहर 2 बजे तक अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज मतदान के आंकड़े इस प्रकार हैं:
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग प्रतिशत
- लखनऊ खंड स्नातक: 27.53%
- वाराणसी खंड स्नातक: 59%
- मेरठ खंड स्नातक: 30.38%
- आगरा खंड स्नातक: 32%
- इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक: 26.30%
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का आंकड़ा
- लखनऊ खंड शिक्षक: 36.50%
- वाराणसी खंड शिक्षक: 57.97%
- आगरा खंड शिक्षक: 48.20%
- मेरठ खंड शिक्षक: 46.66%
- बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक: 59.17%
- गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक: 56.32%
इन चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से मतदान कराया जा रहा है। मतदाताओं को अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में मतपत्र के जरिए वोट डालना है।
बीजेपी और समाजवादी पार्टी के लिए MLC चुनाव क्यों अहम?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की इन 11 सीटों के चुनाव को बीजेपी और अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के लिए प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के लिए यह चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। हालांकि, विधान परिषद चुनाव के नतीजों को विधानसभा चुनाव का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता, लेकिन इससे दोनों पार्टियों की चुनावी तैयारियों और राजनीतिक रणनीति पर चर्चा जरूर होगी।
लखनऊ में मतदान के लिए 259 केंद्र बनाए गए हैं। यहां कुल 1,16,491 पंजीकृत मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। वहीं, गौतमबुद्ध नगर जिले में मेरठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के लिए 13 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 42 बूथों पर मतदान कराया जा रहा है।
यूपी MLC चुनाव का रिजल्ट कब आएगा?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए मतदान खत्म होने के बाद अब सभी की नजरें मतगणना पर रहेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी। मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला हो जाएगा।
अब देखना होगा कि इन चुनावों में किस पार्टी के समर्थित उम्मीदवारों को बढ़त मिलती है और बीजेपी व समाजवादी पार्टी में से कौन बेहतर प्रदर्शन करता है। फिलहाल, मतदान के अंतिम आंकड़ों और 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।

