Gujarat News: गुजरात के सूरत स्थित उधना रेलवे स्टेशन पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया जब हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौटने के लिए स्टेशन पहुंचे। फैक्ट्रियों में छुट्टी और भीषण गर्मी के अवकाश के चलते अचानक उमड़ी इस भीड़ ने रेलवे की व्यवस्थाओं को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिससे स्टेशन परिसर में तनाव व्याप्त हो गया।
सीमित रेल सेवाएं और यात्रियों का भारी जमावड़ा
उधना रेलवे स्टेशन पर प्रवासी कामगारों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 7,000 से अधिक यात्री स्टेशन पर जमा थे, जबकि उनके लिए केवल दो ट्रेनें ही उपलब्ध थीं। इस असंतुलित यात्री दबाव (Passenger Pressure) के कारण स्टेशन के बाहर तीन किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। जब कुछ यात्रियों ने धैर्य खोकर कतार तोड़ने और जबरन आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो आरपीएफ (RPF) और स्थानीय पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।
भीषण गर्मी का प्रकोप और स्वास्थ्य संकट
स्टेशन पर घंटों कतार में खड़े यात्रियों को प्रकृति के प्रकोप का भी सामना करना पड़ा। भीषण लू और बढ़ते तापमान (Extreme Heat and Humidity) के कारण कम से कम दो यात्री बेहोश होकर गिर पड़े। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और पानी की किल्लत ने यात्रियों की परेशानी को दोगुना कर दिया। जब प्रशासन की ओर से पानी की बोतलें वितरित की गईं, तो प्यास से बेहाल यात्रियों के बीच छीना-झपटी शुरू हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने लगी। सुरक्षाकर्मियों को भीड़ को शांत करने में भारी मशक्कत करनी पड़ी।
रेलवे का आधिकारिक स्पष्टीकरण और आगामी योजना
रेलवे प्रशासन ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा कि यात्रियों की संख्या उनकी पूर्व घोषणा और अनुमान से कई गुना अधिक थी। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्टेशन अधिकारियों ने विशेष रूप से छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे परिवारों को सलाह दी है कि वे बिना कंफर्म टिकट या उचित सूचना के घंटों इंतजार न करें। रेलवे ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें (Additional Summer Special Trains) चलाने पर विचार किया जा रहा है और इसकी घोषणा जल्द ही आधिकारिक माध्यमों से की जाएगी।

