Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में होने वाले आगामी पुनर्मतदान से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को आड़े हाथों लिया है. शनिवार (16 मई 2026) को फाल्टा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कार्यकर्ताओं की एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम अधिकारी ने आरोप लगाया कि डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के नागरिक पिछले एक दशक से स्वतंत्र रूप से वोट नहीं डाल पा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि जब से स्थानीय टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी का राज्य की राजनीति में प्रवेश हुआ है, तब से वहां के मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि अब राज्य की कानून-व्यवस्था बदल चुकी है और 21 मई को होने वाला दोबारा मतदान आम जनता के मताधिकार को पूरी तरह बहाल करेगा.
अभिषेक बनर्जी की कंपनी ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ पर कसता शिकंजा
मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली बड़ी राजनीतिक रैली में शुभेंदु अधिकारी ने डायमंड हार्बर के अंतर्गत आने वाली फाल्टा सीट के विकास के लिए एक विशेष वित्तीय पैकेज की घोषणा की. इसके साथ ही उन्होंने टीएमसी के शीर्ष नेतृत्व पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए. सीएम अधिकारी ने खुलासा किया कि उन्हें ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ नामक निजी कंपनी की संपत्तियों से जुड़ी गोपनीय फाइलें मिल चुकी हैं, जिसका सीधा संबंध अभिषेक बनर्जी से बताया जाता है. उन्होंने कहा, “मैंने कोलकाता नगर निगम से विस्तृत विवरण मांगा था और अब मेरे पास दक्षिण 24 परगना के आमतला स्थित एक आलीशान दफ्तर समेत 24 बेनामी संपत्तियों की पूरी सूची है. इस कथित वित्तीय घोटाले की विस्तृत जांच बहुत जल्द शुरू की जाएगी.”
बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हुए अत्याचार का लेंगे हिसाब
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में टीएमसी शासन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए राजनीतिक हमलों और हिंसा को याद किया. उन्होंने मंच से साफ किया कि वह विपक्ष पर हुए दमन चक्र को भूले नहीं हैं. शासन व्यवस्था को सख्त संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “मैंने बंगाल पुलिस विभाग को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं कि पुराने सभी राजनीतिक अपराधों और हिंसा के मामलों में तुरंत एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज की जाए. इसके साथ ही केंद्रीय योजनाओं के धन के दुरुपयोग और वित्तीय धांधली से जुड़ी शिकायतों पर भी तुरंत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.” मुख्यमंत्री ने फाल्टा के वोटर्स से भयमुक्त होकर बीजेपी प्रत्याशी को एक लाख से अधिक मतों के भारी अंतर से जिताने की अपील की.
‘पुष्पा’ जहांगीर खान को सीएम की सीधी चेतावनी
फाल्टा सीट से टीएमसी के प्रत्याशी जहांगीर खान का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें ‘नामित कुख्यात अपराधी’ करार दिया. उन्होंने चुनावी इतिहास की एक पुरानी जुबानी जंग का हवाला देते हुए कहा, “तथाकथित पुष्पा अब मेरी सीधी जिम्मेदारी है और मैं व्यक्तिगत रूप से इसकी हरकतों पर नजर रखूंगा.” दरअसल, पूर्व में चुनाव आयोग द्वारा तैनात किए गए यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी और पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा ने जहांगीर खान को कानून के दायरे में रहने की सख्त हिदायत दी थी, जिस पर टीएमसी नेता ने पलटवार करते हुए कहा था कि ‘यह यूपी नहीं है, यहाँ सिंघम नहीं चलेगा, अगर वो सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूं.’ सीएम ने इसी विवादित बयान को लेकर जहांगीर को कानून का पाठ पढ़ाया.
ईवीएम छेड़छाड़ और चुनावी धांधली के बाद निर्वाचन आयोग ने रद्द किया था पूर्व का मतदान
आपको बता दें कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी निष्पक्षता को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया था. बीते 29 अप्रैल को इस सीट पर हुए शुरुआती मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताओं, ईवीएम (EVM) मशीनों के साथ अनधिकृत छेड़छाड़ और मतदाताओं को डराने-धमकाने की गंभीर शिकायतें सामने आई थीं. विपक्ष के भारी विरोध और जमीनी रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद, भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 29 अप्रैल के मतदान को पूरी तरह से अमान्य और रद्द घोषित कर दिया था. इसके बाद निष्पक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए आयोग द्वारा आगामी 21 मई को कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया गया है.

